भागलपुर। अगर मन में कुछ करने की तमन्ना हो तो उम्र मायने नहीं रखती। ऐसा ही हौसला व जज्बा 65 वर्षीय डॉक्टर एनके यादव में देखने को मिलता है, जो पिछले 25 वर्षों से समाज सेवा में जुटे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने बच्चों को न केवल उनके अधिकार दिलाने का काम किया बल्कि अपनी पत्नी को भी समाज में एक महत्वपूर्ण पद पर बैठाकर यह साबित कर दिया कि सचमुच में समाज सेवा अकेले नहीं बल्कि परिवार के साथ हो तो काबिले तारीफ होता है। इसके अलावा कइयों की स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सहायता भी की। डॉक्टर यादव को इस कार्य के लिए कई बार सम्मान भी मिल चुका है।
धर्मोडीह, गोड्डा के रहने वाले डॉ. एनके यादव ने वर्ष 1993 से डॉक्टर के तौर पर अपना सफर शुरू किया था, उसी समय से समाज सेवा करने की ललक आज इनकी पहचान बन गई है। इसी का परिणाम था कि वर्ष 2007 में एमएलसी का चुनाव लड़े और 28000 मतों से विजयी हुए। यह डॉक्टर साहब के लिए साबित करता है कि समाज सेवा पैसों से नहीं बल्कि अपने काम से किया जाता है। इनके पास सभी समुदाय के लोग आते हैं उन्हें बहुत ही कम कीमत में अपनी सेवा देते हुए निरोग बनाते हैं। स्थानीय होने के नाते सभी रिती-रिवाजों से तालुल्क रखते हैं। सभी धर्मों के त्योहारों में शामिल होकर अपनी सेवा जारी रखे हुए हैं।
वर्ष 2008-09 में डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी एक दलित क्षेत्र में महामारी का रूप ले ली थी। उस समय भी इन्होंने वहां कैंप कर लोगों का इलाज किया और बीमारी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कहा जाता है कि आए दिन अपनी सेवा देकर लोगों को स्वस्थ बनाते हैं। दलित क्षेत्र में उनकी सहायता में डॉ. एनके यादव सबसे आगे रहे। उन्होंने डेढ़ सौ से अधिक कैंप आयोजित किए, जहां युवाओं को स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी। यही नहीं, युवाओं को प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग के लिए सैकड़ों कैंप आयोजित करवाए। वर्ष 2012 में चाइल्ड लाइन से जुड़कर बच्चों के अधिकारों के लिए काम किया। इस दौरान परिजनों से बिछड़ चुके कई बच्चों को उन्होंने उनके अभिभावकों से मिलाया। झुग्गियों में रहने वालों को शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधा भी मुहैया करवाई। इस उम्र में भी उनका जज्बा पहले की तरह बरकरार है। सिविल डिफेंस के माध्यम से प्राथमिक उपचार के लिए युवाओं को प्रेरित भी किया।
डॉक्टर एनके यादव का कहना है कि स्कूल के दिनों से ही उनके मन में समाज के लिए कुछ करने की इच्छा थी। जब भी उन्हें मौका मिलता था तो वह अपना योगदान देने से पीछे नहीं हटते थे। जब तक सांस है तब तक समाज के लिए कार्य करते रहेंगे।
शख्सियत की खासियत
वर्तमान में डॉक्टर एनके यादव एमएलसी होने के साथ भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले प्रोफेशन डॉक्टर हैं। डॉक्टर यादव की पत्नी पूर्व मेयर हैं। दो बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी करने में लगे हैं। एमएलसी के चुनाव में 28 हजार मतों से विजयी हुए। वर्षों से भाजपा से जुड़े हैं। आज भी आए दिन क्षेत्र भ्रमण करना, लोगों से मिलना और अपनी सेवा देना आदत में शामिल कर लिए हैं। डॉक्टर एनके यादव पूरे विश्वास के साथ कहते हैं कि यदि भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट मिल जाए तो जीतने के बाद आगे की प्राथमिकता में शामिल स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कुछ खास कर सकते हैं। वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने उन्हें उनकी अहम सेवा के लिए सम्मानित किया। इसके अलावा अन्य कई संस्थाएं भी उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। अभी भी वह समाज सेवा के साथ-साथ डॉक्टर की भूमिका में हैं।
हर व्यक्तिकों मिले अधिकार
समाज सेवा के लिए अपनी पत्नी डॉक्टर वीणा यादव को पूरा श्रेय देने वाले डॉक्टर एनके यादव का मानना है कि हर व्यक्ति को उसका अधिकार मिलना चाहिए। वह इसी संकल्प के साथ वर्षों से समाज सेवा में जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि स्वास्थ्य और शिक्षा दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिनकी सुविधा हर नागरिक को मिले तो समाज में काफी बदलाव आ सकता है।



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