धनबाद में एक परिवार ने मां के कर्ज से ज्यादा लोकतंत्र के फर्ज को तवज्जो दिया. श्रमिक नगरी भूली में रविवार देर रात 55 वर्षीय मुनिया देवी की मौत हो गई. आज (सोमवार) यहां मतदान हो रहा है. ऐसे में तीनों बेटों ने मां का अंतिम संस्कार करने से पहले मतदान करने का फैसला लिया. तीनों बेटे इंटरमीडिएट श्रमिक महाविद्यालय के बूथ संख्या- 10 पर पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

बेेटों ने कहा कि अगर मां जिंदा रहती, तो वह हर काम से पहले मतदान करने के लिए ही कहती. इसलिए उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए अंतिम संस्कार ने पहले मतदान किया. गांववालों ने कहा कि मां के शव को घर में रखकर तीनों बेटों ने पहले मतदान किया. ये लोकतंत्र के प्रति इनकी निष्ठा को दिखाता है. यह एक मिसाल है.

मतदान से लौटकर तीनों बेटों ने मां का अंतिम संस्कार किया. बेटों ने कहा कि मतदान कर हमने मदर्स डे पर मां को तोहफा दे दिया. तीनों मजदूरी करते हैं. लेकिन अपनी जरूरत से पहले लोकतंत्र की जररूत को बखूबी समझते हैं. बता दें कि धनबाद सीट पर बीजेपी प्रत्याशी पीएन सिंह और कांग्रेस के कीर्ति झा आजाद में सीधा मुकाबला है.
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