इस्लामाबाद. जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 (Article 370) हटाए जाने और पाकिस्तान (Pakistan) की लगातार कमजोर होती आर्थिक स्थिति से नाराज पाकिस्तान में अब इमरान खान को पद से हटाए जाने की मांग तेज हो गई है. खबर है कि पाकिस्तान के जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के नेता मौलाना फजलुर्रहमान  ने इमरान सरकार को सत्ता से हटाने के लिए इस्लामाबाद (Islamabad) तक आजादी मार्च निकालने की तैयारी की है. हालांकि, इमरान खान ने साफ कर दिया है कि वह किसी के भी दबाव में इस्तीफा नहीं देने वाले हैं.

प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि वो मौलाना फजलुर्रहमान के दबाव में नहीं आने वाले हैं. एक घंटे से अधिक समय तक वरिष्ठ पत्रकारों और विश्लेषकों के साथ चली बैठक में प्रधानमंत्री ने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम की ओर से उठाई जा रही मांगों के बारे में बात की. बैठक में मुद्रस्फीति के मुद्दों, बेरोजगारी और विदेश नीति को लेकर उचित कदम उठाने पर चर्चा हुई.

प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि मौलाना फजलुर्रहमान को साजिश के तहत ऐसा करने के लिए कहा गया है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि 'मेरे इस्तीफे का कोई सवाल नहीं है और मैं इस्तीफा नहीं दूंगा. आजादी मार्च एक एजेंडे पर आधारित है और इसमें विदेशी समर्थन है. प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कहा कि जेयूआई-एफ के विरोध से भारत में खुशी का माहौल है. बैठक में इमरान खान ने स्वीकार किया कि महंगाई और बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, जिसे उनकी सरकार सुलझाने की कोशिश कर रही है.
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