रघुवर सरकार के इस वित्तीय वर्ष की लगभग 40 प्रतिशत राशि अभी बची हुई है. इसे डेढ़ महीने में खर्च किया जाना है. फिर भी सरकार को उम्मीद है कि कम से कम 90 फीसदी राशि खर्च हो जाएगी.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंत्रियों और सचिवों की उपस्थिति में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान तीन तरह की समीक्षा हुई.

-वर्तमान वित्तीय वर्ष की योजना मद की राशि के खर्च की स्थिति
-अगले बजट पर अमल के लिए तैयारी की समीक्षा

-केंद्रीय बजट में राज्य से जुड़ी योजनाओं को लागू करने के विषय पर चर्चा

बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष की राशि खर्च की समीक्षा की गई. लगभग 61 प्रतिशत राशि औसतन खर्च हुई है. स्वास्थ्य विभाग का लगभग 74 प्रतिशत, शिक्षा विभाग का 61 प्रतिशत रुपया खर्च हुआ है. कृषि विभाग की स्थिति चिंताजनक है.

सरकार ने अगले वर्ष के बजट को कार्यरूप देने पर भी विचार किया. साथ ही केंद्र सरकार की राज्य से जुड़ी योजना के लिए राशि लेने पर भी चर्चा हुई. बैठक में मंत्री सरयू राय शामिल नहीं हुए. मंत्री रणधीर सिंह,सीपी चौधरी,लुईस मरांडी,नीलकंठ सिंह मुंडा,सीपी सिंह,अमर कुमार बाउरी शामिल हुए. सीएस राजबाला वर्मा के अलावा विकास आयुक्त अमित खरे भी बैठक में मौजूद थे. अमित खरे ने कहा कि बैठक में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग और पेयजल विभाग को निर्देश दिए हैं. सिंचाई परियोजनाओं के लिए प्रत्येक जिले को 30 करोड़ रुपये मिलेगा.

सरकार को चिंता है कि इस साल की बजट राशि का अधिक से अधिक हिस्सा खर्च हो जाए. इसके लिए सभी विभागों को तेजी से काम करने के निर्देश दिये गये हैं.
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