झारखंड राज्य बिजली नियामक आयोग द्वारा आगामी 1 अप्रैल से बिजली दरों में अप्रत्याशित वृद्धि किए जाने के विरोध में धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सड़क पर उतर कर आंदोलन की चेतावनी दी है. जिला चैंबर, बैंक मोड़ चैंबर, पुराना चैंबर से जुड़े सैकड़ों व्यवसायी प्रतिनिधियों ने सरकार के इस फैसले पर कड़ा एतराज जताया. इसके विरोध में आज रविवार को शहर के रणधीर वर्मा चौक , पुराना बाजार चौक और बैंक मोड़ जेपी चौक के पास हस्ताक्षर अभियान चलाकर बिजली दर बढ़ाने पर नाराजगी जाहिर की गई.
चैंबर ने कहा कि व्यवसायी अभी नोटबंदी, जीएसटी की मार से उबर भी नहीं पाए हैं कि सरकार बिजली का झटका देने पर तुली हुई है. अब बिजली दर बढ़ाने के विरोध में सरकार के खिलाफ लालटेन जुलूस निकाला जाएगा. इधर आम लोगों ने भी बिजली नियामक आयोग के फैसले को जनविरोधी बताया. आम जन ने कहा कि डीबीटी से गरीबों को सब्सिडी दिए जाने की बात आई वॉश है. लोगों ने जानना चाहा कि आखिर किराए में रहने वाले गरीब और माध्यम वर्ग के लोगों को इसका लाभ कैसे मिलेगा.
बैंक मोड़ चैंबर के अध्यक्ष सुरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि आज व्यवसाय एकदम निम्न स्तर चल रहा है. ऐसे में सरकार द्वारा बिजली बिल बढ़ाने का निर्णय कहीं से भी उचित नहीं है. सरकार 24 घंटे बिजली भी नहीं दे रही है. इसलिए सरकार से अपील है कि वह अपने फैसले को तत्काल वापस ले ले.
चैंबर ने कहा कि व्यवसायी अभी नोटबंदी, जीएसटी की मार से उबर भी नहीं पाए हैं कि सरकार बिजली का झटका देने पर तुली हुई है. अब बिजली दर बढ़ाने के विरोध में सरकार के खिलाफ लालटेन जुलूस निकाला जाएगा. इधर आम लोगों ने भी बिजली नियामक आयोग के फैसले को जनविरोधी बताया. आम जन ने कहा कि डीबीटी से गरीबों को सब्सिडी दिए जाने की बात आई वॉश है. लोगों ने जानना चाहा कि आखिर किराए में रहने वाले गरीब और माध्यम वर्ग के लोगों को इसका लाभ कैसे मिलेगा.
बैंक मोड़ चैंबर के अध्यक्ष सुरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि आज व्यवसाय एकदम निम्न स्तर चल रहा है. ऐसे में सरकार द्वारा बिजली बिल बढ़ाने का निर्णय कहीं से भी उचित नहीं है. सरकार 24 घंटे बिजली भी नहीं दे रही है. इसलिए सरकार से अपील है कि वह अपने फैसले को तत्काल वापस ले ले.



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