देश के विभिन्न भागों से आए 85 विश्वविद्यालयों के 1500 प्रतिभागियों के बीच रांची में आयोजित हो रहे इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टिवलमें रांची विश्वविद्यालय गायब है. इस पीड़ा ने नेशनल यूथ फेस्टिवल की रौनक को आधा कर दिया है. मेजबान होने के बाद भी रांची विवि के छात्र यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लायक नहीं रहे.
यूथ फेस्टिवल की चहकती रौनक के बीच रांची विवि सिसक रहा है. साथ में सिसक रहे हैं रांची विवि के वे तमाम छात्र और छात्राएं जिन्हें तमन्ना थी कि वे इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे. लेकिन तमन्नाएं अधूरी रह गईं. रांची के खेलगांव में आयोजित इस फेस्टिवल में 85 विवि के 1500 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं. गायन, नृत्य, वाद - विवाद, रंगोली सहित कुल 32 इवेंट यूथ फेस्टीवल में आयोजित हो रहे हैं. यहां आने वाले सभी प्रतिभागी राज्य स्तरीय यूथ फेस्टिवल के जोनल प्रतियोगिता के विजेता रहे हैं. लेकिन रांची विवि जीत से दूर रहा.
इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टिवल कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी का सहयोग प्राप्त है. दर्शक के रूप में कई जगहों पर रांची विवि के कुलपति डॉ. रमेश पांडेय और प्रतिकुलपति डॉ. कामिनी प्रसाद देखे गए. रांची विवि की गैरमौजूदगी पर कुलपति भी दुखी नजर आए. कुलपति डॉ. रमेश पांडेय ने कहा कि 33वें इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टिवल के आयोजन की जिम्मेदारी रांची विश्वविद्यालय को मिली है. इसमें वे ही प्रतिभागी भाग ले सकते हैं जिन्होंने जोनल स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया है. यानि रांची विश्वविद्यालय इसके लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया. बताने की जरूरत नहीं कि रांची विवि की जंग लग चुकी व्यवस्था में विवि के छात्र फीसड्डी रहे.
यूथ फेस्टिवल की चहकती रौनक के बीच रांची विवि सिसक रहा है. साथ में सिसक रहे हैं रांची विवि के वे तमाम छात्र और छात्राएं जिन्हें तमन्ना थी कि वे इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे. लेकिन तमन्नाएं अधूरी रह गईं. रांची के खेलगांव में आयोजित इस फेस्टिवल में 85 विवि के 1500 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं. गायन, नृत्य, वाद - विवाद, रंगोली सहित कुल 32 इवेंट यूथ फेस्टीवल में आयोजित हो रहे हैं. यहां आने वाले सभी प्रतिभागी राज्य स्तरीय यूथ फेस्टिवल के जोनल प्रतियोगिता के विजेता रहे हैं. लेकिन रांची विवि जीत से दूर रहा.
इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टिवल कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी का सहयोग प्राप्त है. दर्शक के रूप में कई जगहों पर रांची विवि के कुलपति डॉ. रमेश पांडेय और प्रतिकुलपति डॉ. कामिनी प्रसाद देखे गए. रांची विवि की गैरमौजूदगी पर कुलपति भी दुखी नजर आए. कुलपति डॉ. रमेश पांडेय ने कहा कि 33वें इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टिवल के आयोजन की जिम्मेदारी रांची विश्वविद्यालय को मिली है. इसमें वे ही प्रतिभागी भाग ले सकते हैं जिन्होंने जोनल स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया है. यानि रांची विश्वविद्यालय इसके लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया. बताने की जरूरत नहीं कि रांची विवि की जंग लग चुकी व्यवस्था में विवि के छात्र फीसड्डी रहे.



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