प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंटरव्यू में पकोड़े बेचने को रोज़गार बताने वाले बयान पर यूपी में पकोड़ा पॉलिटिक्स शुरू हो गई है. प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जगह-जगह पकोड़े बेचकर अपना विरोध दर्ज करा रही है. इसी क्रम में बुधवार को लखनऊ में कांग्रेस के नेता विधानमंडल दल अजय कुमार लल्लू ने विधानसभा के सामने पकोड़े बेचे. लल्लू ने यहां खुद सब्जी काटी, बेसन घोला और पकोड़े तलकर प्रधानमंत्री का विरोध किया. कांग्रेसियों ने इस स्टॉल का नाम भी प्रधानमंत्री पकोड़ा स्टॉल रखकर पीएम के बयान का मखौल उड़ाया.

कांग्रेस के इस पकोड़ा स्टाइल विरोध का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया. किसी ने पांच रुपए तो किसी ने 10 रुपए में भरपेट पकोड़े खाए. कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री ने रोज़गार देने का वादा नहीं निभाया, लिहाज़ा अब लोगों को पकोड़े बेचने पड़ रहे हैं. अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस बात का प्रतीकात्मक विरोध किया है. पीएम ने देश के नौजवान को दो करोड़ रोजगार देने की बात की थी, वहीं यूपी के मुख्यमंत्री ने 70 लाख रोजगार एक साल में देने की बात की थी.

एक गरीब पकोड़ी या चाय बेचकर आजीविका चलाता है, आप उच्च शिक्षा प्राप्त नौजवानों को ये काम करने के लिए कहकर आपने नौजवानों के साथ घात किया है. इसी संदेश के साथ आज हम पकोड़ी का ये स्टॉल अमित शाह के नाम पर और पीएम मोदी के नाम पर बेचने का काम कर रहे हैं.

उधर बदायूं के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी ग्राउंड स्थित कांग्रेस कार्यालय पर पकौड़ों का स्टाल लगाकर पकौड़े बेचे. कांग्रेस के महासचिव ओमकार सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा बेरोजगारी दूर करने के लिए पकौड़े बेचने की सलाह तो दे दी लेकिन यह नहीं सोचा कि इस कथन से शिक्षा का क्या होगा और शिक्षित युवा वर्ग के दिल पर क्या गुजरेगी.

कानपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने बेचे पकोड़े
वहीं कानपुर में सपाइयों ने पकौड़ा बेचकर विरोध प्रदर्शन किया. म्योर मिल के बाहर सपाइयों ने पकौड़े का स्टॉल लगाया. इस दौरान कई सपा कार्यकर्ता डिग्री का परम्परागत गाउन पहने नजर आए. समाजवादी पाटी छात्रसभा के अध्यक्ष सिराज हुसैन ने कहा कि पहले पीएम मोदी हर साल दो करोड़ रोजगार सृजन के वादे को पूरा नही कर पाए. अब बेरोजगारों का मजाक बनाया जा रहा है.
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