कांग्रेस पर भगवान राम का अस्तित्व नहीं मानने के बीजेपी नेता निर्मला सीतारमन के आरोप पर कांग्रेस ने सोमवार को पलटवार किया. पार्टी ने सोमवार को दावा किया कि राम के नाम पर वोट बटोरने वाली बीजेपी की सरकार ने ‘संसद के पटल पर तो यह कह दिया कि मां सीता तो कभी थी ही नहीं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को पार्टी महाधिवेशन में बीजेपी और आरएसएस की तुलना कौरवों और अपनी पार्टी की तुलना पांडवों से की थी. इस बयान को लेकर हमला बोलते हुए रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी अपने आप को पांडवों से जोड़ना चाहती है. यह वही पार्टी है जिसने भगवान राम के बुनियादी वजूद पर ही सवाल खड़ा कर दिया था.

निर्मला की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी बातें बेबुनियाद एवं तथ्यों से परे हैं. उन्होंने कहा, ‘क्या निर्मला सीतारमन जी यह जानती हैं कि बीजेपी एक ऐसा राजनीतिक दल है जिसने देश की संसद के पटल पर यह कह दिया कि मां सीता तो कभी थी ही नहीं.’ सुरजेवाला ने कहा कि इस देश में क्या कोई यह कल्पना कर सकता है कि जो राम के नाम पर वोट बटोरेंगे और कहेंगे कि मां सीता तो थी ही नहीं. इससे ज्यादा कुत्सित प्रयास क्या हो सकता है.

उन्होंने 12 अप्रैल 2017 को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में संस्कृति मंत्री के बयान का हवाला दिया. उन्होंने कहा, ‘मंत्री जी ने कहा कि सीता की जन्मस्थली आस्था का विषय है, जो प्रत्यक्ष प्रमाण पर निर्भर नहीं करता. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में अब तक सीतामढ़ी जिला बिहार में कोई खनन नहीं किया है, अत: इसके पास सीतामढ़ी को सीता के जन्मस्थली के रूप में होने से संबंधी कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है.’


सुरजेवाला ने कहा कि इस देश के सांस्कृतिक मंत्री यह कहते हैं कि सीता माता हैं ही नहीं. इससे ज्यादा बड़ा कु-कृत्य मोदी सरकार क्या कर सकती है? वोट बटोरनी हो तो सीता और राम दोनों. जब वोट बटोर कर शासन ले लें तो सीता मां का कोई अस्तित्व नहीं.




उन्होंने रामसेतु विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस रामसेतु के अलायंमेंट को लेकर बीजेपी कांग्रेस पर आरोप लगाती रही है, 2000-01 के बजट में उसी की सरकार ने इसी अलायंमेंट के साथ रामसेतु के बारे में निर्णय किया था. उन्होंने इस संदर्भ में 29 फरवरी 2000 के बजट भाषण का हवाला दिया जिसमें सेतु समुंद्रम पोत नहर परियोजना की विस्तृत व्यवहार्यता एवं पर्यावरण प्रभाव परियोजना के लिए कुल 4.8 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की गयी थी.
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