अभ्रक नगरी के रूप में विश्व विख्यात कोडरमा की चमक एक बार फिर से लौटने वाली है. मोमेंटम झारखंड के तहत सरकार ने अभ्रक व्यवसाय को पुनर्जीवित करने को लेकर कोडरमा और गिरीडीह जिले के वनों में डंप ढिबरा की नीलामी को लेकर व्यवसायियों को आमंत्रित करने की शुरूआत कर दी है. इसके तहत कोडरमा के तीन ढिबरा डंप जोन की नीलामी की गई. इसी सिलसिले में सोमवार को कोडरमा में रोड शो के माध्यम से अभ्रक व्यवसायियों को डंप ढिबरा की नीलामी प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया गया. ढिबरा की नीलामी के लिए जिले के 10 डंप जोन को चिन्हित किया गया है.
अभ्रक की चमक से चमकने वाले कोडरमा की चमक वापस लाने और अभ्रक व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से कोडरमा में सरकार की ओर से सोमवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में अभ्रक व्यवसाय को बेहतर बनाने को लेकर सरकार के द्वारा तैयार किए गए मसौदे से अभ्रक व्यवसायियों को अवगत कराया गया. कार्यक्रम में खान आयुक्त सहित भूगर्भ विभाग, वन विभाग एवं अन्य विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे.
झारखंड सरकार की इस पहल ने कोडरमा के अभ्रक व्यावसायियों में एक बार फिर से उम्मीद जगाई है. सरकार की इस पहल से अभ्रक व्यवसायियों में खासा उत्साह है. गौरतलब है कि 1980 के दशक में कोडरमा और गिरिडीह जिले में तकरीबन 250 अभ्रक खदानें संचालित थी. जिसे वन संरक्षण अधिनियम का हवाला देकर बंद कर दिया गया था जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था चरमरा गई.



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