पलामू में टीकाकरण से चार बच्चों की मौत पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद रांची से स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम पलामू पहुंची, जहां डाल्टेनगंज स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में जिला स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पाटन के लोइंगा गांव में घटित घटना के बारे में जानकारी ली.

बैठक के बाद टीम ने लोइंगा गांव का भी दौरा किया. जांच टीम में रांची रिम्स के चाइल्ड स्पेशियलिस्ट डॉ अजीत कुमार के अलावा डब्ल्यूएचओ के पदाधिकारी भी शामिल थे. टीम ने गांव में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली.

मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री सुधा चौधरी व पूर्व सांसद मनोज भुईयां भी टीम से इस सिलसिले में बातचीत की.  डॉ अजीत कुमार ने कहा कि अभी जांच चल रही है, इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. जिस टीका  से चार बच्चे की मौत हुई है,  वही टीका 25 अन्य बच्चों को भी उसी दिन दिया गया, लेकिन वे सभी सुरक्षित हैं.

पूर्व मंत्री सुधा चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार मुआवजा तो दे सकती है, मगर बच्चों की जान वापस नहीं ला सकती.  ऐसे में जरूरत है आगे इस तरह की घटना न दोहराये, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सचेत रहने की.



इधर रांची में सीएम रघुवर दास ने स्वास्थ्य सचिव निधि खरे से पूरी घटना की जानकारी ली.  पीड़ित परिवार के लिए एक-एक लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की गयी है.

बता दें कि रविवार को पलामू के पाटन प्रखंड स्थित लोइंगा गांव में टीका लगाने के बाद चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि चार बीमार हो गये. इनका इलाज जारी है. एक का रांची के रिम्स में उपचार हो रहा है.
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