छठी जेपीएससी पीटी परीक्षा मामले में झारखंड हाइकोर्ट ने फैसला सुना दिया. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सरकार के निर्णय को सही बताते हुए, उसमें हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया. कोर्ट ने इस मामले में पंकज कुमार एवं अन्य की याचिका को खारिज कर दिया.
जल्द संशोधित रिजल्ट जारी करने का आदेश
याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि सरकार का फैसला नीतिगत है और कोर्ट इस नीतिगत फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है. न्यायाधीश डॉ. एसएन पाठक की अदालत ने झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन(जेपीएससी) को सरकार के आदेश के अनुसार छठी परीक्षा का संशोधित रिजल्ट जारी करने आदेश दिया. साथ ही मुख्य परीक्षा शीध्र लेने का आदेश दिया.
तीन साल से चला आ रहा मामला
छठी जेपीएसी पीटी परीक्षा का ये मामला तीन वर्ष से चला आ रहा है, लेकिन अभी तक मुख्य परीक्षा नहीं हो पायी है. इससे पूर्व में जेपीएससी ने दो बार संशोधित रिजल्ट जारी किया. लेकिन रिजल्ट के खिलाफ छात्रों के विरोध पर गत फरवरी माह में रघुवर सरकार ने न्यूनतम कट ऑफ मार्क प्राप्त करने वाले सभी वर्ग के अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में बैठने देने का आदेश जेपीएससी को दिया.
सरकार के फैसले को दी गई थी चुनौती
सरकार के इसी फैसले के खिलाफ अभ्यार्थी पंकज कुमार ने हाइकोर्ट में चुनौती दी. प्रार्थी का कहना था कि पद के 15 गुणा से अधिक पीटी का रिजल्ट नहीं जारी किया जा सकता है. सरकार का कहना था कि इससे पीटी पास करने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, लेकिन किसी नुकसान नहीं होगा.



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