भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) कार्यकर्ताओं द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के मजदूरों को झारखंड के दुमका जिले में स्थित मसानजोर बांध की दीवारें रंगने से रोकने के बाद झारखंड की मंत्री लुईस मरांडी ने रविवार को बैराज की तरफ देखने का दुस्साहस करने वालों की ‘‘आंखें निकाल लेने’’ की धमकी दी.

अल्पसंख्यक कल्याण और महिला एवं बाल विकास मंत्री ने यह भी कहा कि वह पश्चिम बंगाल सरकार के ‘‘किसी भी गलत काम को बर्दाश्त’’ नहीं करेंगी. दुमका से भाजपा की विधायक लुईस ने कहा, ‘‘अगर किसी ने मसानजोर बांध की तरफ आंख उठाकर देखा तो हम उसकी आंखें निकाल लेंगे.’’

राज्य की भाजपा सरकार ने बांध के झारखंड में होने का हवाला देते हुए बांध को सफेद और नीले रंगों में रंगने की पश्चिम बंगाल सरकार की कोशिश पर तीन अगस्त को आपत्ति जतायी थी. पश्चिम बंगाल के सिंचाई मंत्री सोमेन महापात्र ने जवाब में कहा कि बांध का प्रबंधन उनकी सरकार करती है और किसी को मजदूरों को काम करने से रोकने का ‘‘कोई अधिकार नहीं है.’’

लुईस ने यह भी मांग की कि ‘‘बांध को लेकर पश्चिम बंगाल और अविभाजित बिहार की सरकारों के बीच हुए समझौते को सार्वजनिक करना चाहिए.’’ झारखंड का गठन 2000 में हुआ था. झारखंड बिहार से अलग कर बनाया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘बांध झारखंड में है. जब उसका निर्माण हुआ था, दुमका के 144 गांवों के लोग विस्थापित हुए थे.’’

मंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री रघुबर दास को विषय से अवगत करा दिया है. उन्होंने साथ ही कहा कि मजदूरों को दुमका प्रशासन से मंजूरी लिए बिना इलाके में नहीं आना चाहिए था. महापात्र ने कहा कि लुईस की टिप्पणी असभ्य है और पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा शासित राज्य के नेताओं की धमकाने की रणनीतियों का माकूल जवाब देंगे.
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