प्रमाण पत्रों के फर्जीवाड़े में अब झारखंड के छोटे-छोटे जिले भी पीछे नहीं हैं. इन जिलों में भी फर्जीवाड़े के मास्टरमांइड सक्रिय हैं, जो चंद पैसों की खातिर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला लोहरदगा के बलदेव साहू महाविधालय में सामने आया है.
बीएस कॉलेज के तीन छात्र मुश्किलों में फंस गये हैं, क्योंकि इन पर आईपीसी की धारा 420 सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है. दरअसल बीएस कॉलेज से साल 2017 में इंटर पास करने के बाद ये छात्र आगे की पढ़ाई के लिए रांची चले गए. लेकिन पैसे की तंगी के चलते इन्हें फिर लोहरदगा लौटकर बीएस कॉलेज का रूख करना पड़ा. एडमिशन के लिए कॉलेज में आवेदन दिया तो लिस्ट में नाम भी आया. लेकिन इन्हें कॉलेज प्रबंधन के द्वारा बताया गया कि इनके विरुद्ध मामला दर्ज है. और ये केस प्रमाण पत्र के दुरुपयोग का है.
पीड़ित छात्रों का कहना है कि उनके प्रमाण पत्रों का दुरुपयोग कर किसी ने भुवनेश्वर के इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन में इस्तेमाल कर लिया. जबकि वे पढ़ाई छोड़कर कॉलेज प्रबंधन और सदर थाने का चक्कर काटने पर मजबूर हैं.
धर्मदास उरांव, धर्मदेव उरांव और वीरेन्द्र उरांव का प्रमाण पत्र कैसे भुवनेश्वर के इंजीनियरिंग कॉलेज में पहुंच गया. ये जांच का विषय है. पूरे मामले पर बीएस कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य गोसनर कुजूर का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में खूंटी जिले के दलाल शामिल हैं. लेकिन उन दलालों का बीएस कॉलेज से लिंक कैसे जुड़ा, इस सवाल का प्रभारी प्राचार्य जवाब नहीं दे पाये.
लोहरदगा जिले में एकमात्र डिग्री कॉलेज बलदेव साहू महाविधालय है. लेकिन प्रमाण पत्र के फर्जीवाड़े को लेकर यह कॉलेज भी संदेह के घेरे में आ गया है.



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