-का वर्षा जब नदी सुखाने,, का चरितार्थ आज हर शब्द का मीनिंग नकलता नजर आ रहा है ,करोडो हिन्दुओ के आस्था को  कदमो तले रौंदा जा रहा है कुचला जा रहा है एक ओर जहां भारत मे भगवान के मंदिर बनाने के के लिए न्याय पालिका का बाट जोहना पड़ रहा है वही मंदिर  बनाने के कसम खाने वाली सरकार आज राम मंदिर के मुद्दे पर हँसी के पात्र बन कर राह गयी है , राम मंदिर आस्था और भवना के साथ साथ हिन्दुस्थान की प्रतिष्ठा भी बनी है हर देश अपने अपने नजरिया से देख रहा है वही अयोध्या की सरकार भगवान राम के किश्मत पर छोड़ दिया । जबकि अश्विनी चौबे ने खुलकर कहा कि राम मंदिर अब अयोध्या न नही बनेगा तो क्या बाबर के बनेगा 
वही मंदिर के मुख्य पुजारी महन्थ सतेंद्र दास के चुनोती भरे शब्द में कहा कि अगर 2019में मन्दिर निर्माण नही हुआ तो भाजपा को महंगा पड़ेगा ।दिगम्बर अखाड़ा भी योगी आदित्य नाथ को चेतावनी दे चुकी है कि चुनाव सामने है वही उप बक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने राम मंदिर निर्माण का समर्थन कर चुके है
वस्तुतः आने वाले आसान लोक सभा मे राम मंदिर का मुद्दा गर्म है अगर सरकार पटेल पर ला कर बिल पास करती है तो देश मे फिर मोदी जी पर करोडो हिन्दुओ का आस्था बरकरार रहेगा और अगर नही तो तो ,,,बहुत ही कठिन है डगर पनघट की ,,स्थिति आने की भी उम्मीद लगाई जा रही है साथ देश मे आंदोलन उग्र होने की भी अंदाजा है क्योंकि अब करोडो हिन्दुओ का सब्र का सवाल है
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