साल 2019 देश के लिए जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही झारखंड राज्य के लिए भी यह साल महत्वपूर्ण है। इसी साल के अंत में झारखंड में विधानसभा के चुनाव भी होने है। झारखंड अपने गठन के बाद से ही लगातार राजनैतिक अस्थिरता का शिकार होता रहा। मगर साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गयी। झारखंड में ना केवल पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, बल्कि इस सरकार ने सफलतापूर्वक अपने चार साल पूरे कर पांचवे साल में प्रवेश कर लिया। निःसंदेह यह मौजूदा रघुवर सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि के तौर पर गिनी जा सकती है। पूर्ण बहुमत और स्थायी सरकार होने के कारण इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता की झारखंड ने बीते 4 सालो में विकास के कई नए आयाम भी देखे। जहां एक ओर सरकार और भाजपा झारखंड में विकास के बड़े बड़े दावे कर रही है तो वही कई ऐसे मुद्दे भी है जो मौजूदा सरकार के लिए मुसीबतो का सबब बने हुए है। बीते चार सालो में अगर झारखंड ने स्थायी सरकार का जोश देखा है, तो वही एक सच यह भी है की सीएनटी एसपीटी एक्ट में बदलाव से उपजा जनाक्रोश, पारा शिक्षकों का उग्र आंदोलन, भूमि कानूनों में संशोधन, जमीन अधिग्रहण, पत्थलगड़ी, स्थानीय नीति समेत दर्जनों मुद्दों ने झारखंड में भाजपा को बेचैन कर दिया है। अब झारखंड सरकार अपने पांचवे साल में प्रवेश कर चुकी है। इसी साल के अंत में झारखंड में विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में रांची लाइव की एक्सपर्ट टीम ने झारखंड की जनता का मूड टटोलने की कोशिश की है। अगर अभी चुनाव हुए तो क्या होंगे झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे ? क्या महागठबंधन का फार्मूला काम करेगा, या भाजपा राज्य सरकार के कामकाज के सहारे चुनाव जीतने में कामयाब हो पायेगी ? क्या मौजूदा मुख्यमंत्री रघुवर दास भाजपा को जीत दिला पाएंगे या महागठबंधन के सामने धाराशायी हो जायेगा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का कुनबा ? ज्ञात हो की झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटों पर चुनाव होता है, जिसमे बहुमत के लिए 42 सीटों की जरुरत होती है। 

अगर आज विधानसभा चुनाव हुए तो किसे कितनी सीटें मिलेंगी, देखे पूर्वानुमान के नतीजे :

समीकरण 1 : अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो), और कांग्रेस के बीच महागठबंधन हुआ :

महागठबंधन (झामुमो+झाविमो+कांग्रेस) = 65-70सीट 
भाजपा = 10-15सीट 
आजसू = 0-3 सीट 
अन्य = 0-3 सीट 

समीकरण 2 : अगर झामुमो और झाविमो में गठबंधन हुआ, कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा नहीं रही :

महागठबंधन (झामुमो+झाविमो) = 42-52 सीट 
कांग्रेस = 7-11 सीट 
भाजपा = 16-22 सीट 
आजसू= 0-3 सीट 
अन्य = 0-3 सीट 

समीकरण 3 : अगर महागठबंधन नहीं बना, सभी दल अपने दम पर चुनाव में उतरे :

झामुमो = 25-32सीट 
झाविमो = 25-30सीट 
कांग्रेस = 5-7सीट 
भाजपा = 15-20 सीट 
आजसू = 0-3 सीट 
अन्य = 0-3 सीट 

लाइव पूर्वानुमान के नतीजों से स्पष्ट है की अगर महागठबंधन बना तो यह भाजपा के लिए हार का सबब बन सकता है। यदि महागठबंधन नहीं बना तो भाजपा एक बार फिर झारखंड विधानसभा में बड़ी जीत हासिल कर सकती है। 

यह भी जाने :

ओपिनियन या एग्जिट पोल नहीं होता है पूर्वानुमान :

रांची लाइव का पूर्वानुमान कोई एग्जिट पोल या ओपिनियन पोल नहीं होता है. रांची लाइव पूर्वानुमान जनता के बीच जाकर, उनसे संवाद स्थापित करके जनता की राय पर केंद्रित होता है एवं बेहद गोपनीय होता है. विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्थानीय लोगो से बातचीत के दौरान मिले फीडबैक और लाइव के एक्सपर्ट पैनल के अनुमान पर आधारित रिपोर्ट ही रांची लाइव पूर्वानुमान के जरिये पेश की जाती है.

सबसे सटीक और भरोसेमंद है हमारा पूर्वानुमान, पिछले तमाम पूर्वानुमान शत प्रतिशत सही साबित हुए
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