संयुक्त रूप से किया जिला टास्क फोर्स की बैठक।
बिना भेद भाव के करें सख़्त कार्यवाई - ऊपायुक्त।
जिले की छवि को सुधारना प्राथमिकता- एस पी।
पाकुड़ समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त श्री कुलदीप चौधरी एवं पुलिस अधीक्षक पाकुड़ श्री सुनील कुमार भास्कर के द्वारा संयुक्त रूप से जिला स्तरीय टास्क फ़ोर्स की बैठक आहूत की गयी, जिसमें अवैध खनन एवं अवैध बालू उठाव को रोकने हेतु तत्काल एवं प्रभावी कदम उठाने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गये।
दोनों पधाधिकारीयो ने यह सख्त निर्देश दिया की सभी प्रकार के गतिविधियों को ऑन पेपर लाएं। ऐसा देखा जा रहा है की पकड़े गये ट्रेक्टरों/व्यक्ति के साथ सेलेक्टिव ट्रीटमेंट किया जा रहा है।एक तरफ कुछ ट्रेक्टरों को जुर्माना किया जाता हैं तो दूसरी तरफ कुछ को छोड़ दिया जाता है।सभी ऑफण्डर्स के साथ सामान वैधानिक बर्ताव किया जाय। उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी एवं जिला खनन पदाधिकारी दोनों को निर्देश दिया की वैधानिक कार्यवाइयों का एक चेक लिस्ट तैयार कर सभी छापामारी दाल को सोंपे ताकि कार्यवाई प्रभावशाली एवं एकरूप हों ।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नए ऑफेंडर्स का चालान किया जाए एवं जो भी गलत करने की आदत लग चुकी है उन पर प्राथमिकी दर्ज की जाए। साथ ही अवैध वसूली पर पलिस अधीक्षक ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों को बर्दाश्त नही किया जाएगा। राज्य सरकार के द्वारा खनन क्षेत्र में पुलिस का दायित्व निरूपण किया जा चुका है जिसका अनुपालन हेतु सभी थान प्रभारियों को निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रखंड स्तर पर अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी संयुक्त रूप से रणनीति तैयार कर अवैध खनन एवं अन्य गतिविधियों पर छापामारी करें किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त रूप से जिम्मेवारी समझी जाएगी।
अवैध बालू उठाव पर निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त उठाव हेतु पंचायतों को बालू उठाव का अधिकार सौंपा गया है । यदि कहीं ऐसा पाया जाता है कि पंचायत के द्वारा किसी व्यक्ति को बालू बेचा जाता है तो दोषियों को चिन्हित कर तत्क्षण प्राथमिकी दर्ज करें।
वन प्रमंडल पदाधिकारी पाकुड़ ने बताया कि कई क्रशर प्लांट वन भूमि में स्थित हैं। सभी क्रेशर प्लांट को फॉरेस्ट लैंड से मिनिमम लीगल डिस्टेंस पर अवस्थित होना अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के विभिन्न मांगों का अनुपालन किया जाए जिसमें चारदीवारी, जल छिड़काव एवं नदी का संरक्षण प्रमुख है ।
अंत में ऊपायुक्त ने उपस्थित सभी अधिकारियों, थाना प्रभारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता को निर्देश दिया कि एकजुट होकर बिना भेदभाव किए इस अभियान में लग जाएं ताकि अवैध खनन एवं परिवहन पर रोक लगाया जा सके एवं जिले की छवि सुधारी जा सके।



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