झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त हो गया. चौथी विधानसभा का यह आखिरी सत्र था. सत्र के आखिरी दिन भी सदन में जमकर हंगामा मचा. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड(जेबीवीएनएल) के एमडी राहुल पुरवार पर कमीशनखोरी के आरोप को लेकर विपक्ष ने जांच की मांग की. वहीं सत्तापक्ष ने इस मामले में सीएम रघुवर दास का नाम घसीटने पर आपत्ति जताई. हंगामे के चलते अंतिम दिन भी प्रश्नकाल नहीं चल सका.

कमीशनखोरी के मुद्दे पर हंगामा 

दरअसल प्रश्नकाल शुरू होते ही मासस विधायक अरूप चटर्जी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की. लेकिन स्पीकर ने इसे अमान्य करार दे दिया. नेता प्रतिपक्ष समेत विपक्षी विधायक इस पर सरकार से जवाब चाहते थे. लेकिन सत्तापक्ष आरोपों को खारिज करता रहा. इसके बाद दोनों पक्षों के विधायक अपने स्थान पर खड़ा होकर हंगामा करने लगे. अंत में स्पीकर को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

बीएसपी विधायक ने दिया इस्तीफा 



उधर जपला में सीमेंट फैक्ट्री खोलने का भरोसा नहीं मिलने से नाराज बीएसपी विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता ने स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया. स्पीकर ने कहा कि यह भावावेश में दी गई प्रतिक्रिया है. इस पर बाद में विचार करेंगे.

पारा शिक्षकों की सेवा समाप्ति पर रोक 

विधानसभा में पारा शिक्षकों का भी मुद्दा उठा. इस पर स्पीकर दिनेश उरांव ने नियुक्ति का दस्तावेज नहीं देने वाले पारा शिक्षकों की सेवा सितम्बर तक समाप्त नहीं करने का आदेश दिया. इस नियमन के बाद जहां पलामू के 435 पारा शिक्षकों की सेवा फिलहाल खत्म नहीं होगी. वहीं दूसरे जिलों में चल रही जांच के आधार पर कार्रवाई नहीं होगी.
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