रांची: राज्य सरकार ने केंद्र से स्पष्ट रूप से कहा है कि सर्व शिक्षा अभियान (अब समग्र शिक्षा अभियान) के तहत कार्यरत 63 हजार पारा शिक्षकों को हटाना संभव नहीं है। राज्य की शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने पिछले दिनों नई दिल्ली में हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ एजुकेशन (कैब) की बैठक में पारा शिक्षकों की समस्याएं बताते हुए सुझाव दिया था कि पारा शिक्षकों की व्यवस्था बनाई रखी जाए। पारा शिक्षकों की व्यवस्था खत्म करना बच्चों की शिक्षा तथा पारा शिक्षकों के भविष्य के लिए ठीक नहीं रहेगा।
कैब की यह विशेष बैठक प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इस नीति के ड्राफ्ट में वर्ष 2022 तक पारा शिक्षकों की व्यवस्था खत्म करने का प्रावधान किया गया है, जिसे मंत्री ने उचित नहीं ठहराया। शिक्षा मंत्री ने इस बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट पर चर्चा करते हुए स्कूलों में सेमेस्टर सिस्टम लागू नहीं करने का सुझाव दिया। उन्होंने राज्य में 42 लाख छात्रों की संख्या तथा शिक्षक-छात्र अनुपात का हवाला देते हुए इसे व्यवहारिक नहीं बताया।
साथ ही, पूरे देश में सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) पैटर्न लागू करने पर जोर दिया। हालांकि, उन्होंने 'एक देश, एक शिक्षा' नीति पर सहमति प्रदान की। राज्य सरकार ने इस बैठक में स्कूलों के सिलेबस में ट्राइबल एजुकेशन लागू करने का सुझाव दिया। मंत्री ने इस बैठक में संस्कृत व ¨हदी की पढ़ाई अनिवार्य करने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त करने, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा भारतीय शिक्षा सेवा कार्यक्रम लागू करने का भी सुझाव दिया।



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