रांची. झारखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी (BJP)-आजसू  की सियासी दोस्ती में दरार पड़ गई है. आजसू ने 12 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर मैदान में अकेले उतरने का मंशा जता दी. उधर, सीट बंटवारे को लेकर एलजेपी से भी बीजेपी की बात नहीं बनी. ऐसे में बीजेपी अब झारखंड विधानसभा चुनाव अकेले लड़ सकती है. सूत्रों के हवाले से जो खबर मिल रही है, उसके मुताबिक पार्टी ने अब झारखंड विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का मन बना लिया है.

आजसू ने आज जिन 12 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया है, उनमें से चार सीटों पर बीजेपी कल ही प्रत्याशी उतार चुकी है. ऐसे में अब सिमरिया, सिंदरी, मांडू और चक्रधरपुर सीट पर बीजेपी और आजसू के उम्मीदवार चुनाव में आमने-सामने होंगे. चक्रधरपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा मैदान में हैं. यहां आजसू ने उनके खिलाफ रामलाल मुंडा को मैदान में उतारा है. जानकारी के मुताबिक यही वो चार सीटों हैं, जिसको लेकर गठबंधन में गांठ पड़ गई. दोनों दल इन सीटों पर अपनी-अपनी दावेदारी से पीछे नहीं हटे. इसके अलावा आजसू इस बार गठबंधन के तहत 19 सीटें अपने लिए चाहती थी, लेकिन बीजेपी मात्र 9 से 10 सीट देने को तैयार थी.

उधर, एलजेपी हर हाल में जरमुंडी सीट अपने लिए चाहती थी, लेकिन बीजेपी ने वहां भी उम्मीदवार उतार दिया. जिसके बाद एलजेपी ने भी झारखंड चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी कर ली है. एलजेपी 37 सीटों पर उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है. बता दें कि 2014 का चुनाव बीजेपी, आजसू और एलजेपी गठबंधन में लड़े थे. बीजेपी को 72 में से 37 सीटों पर जीत मिली थी. जबकि आजसू को 8 में से 5 पर और लोजपा शिकारीपाड़ा सीट पर हार गई थी.

इस साल हुए लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी-आजसू गठबंधन के तहत मैदान में उतरे. और सूबे की कुल 14 सीटों में 13 पर जीत हासिल की. 12 पर बीजेपी और एक गिरिडीह पर आजसू को जीत हासिल हुई. लेकिन विधानसभा चुनाव में ये गठबंधन आगे नहीं बढ़ पाया. और 19 सीटों के पेंच में फंसकर लगभग 19 साल पुरानी दोस्ती टूट गई.
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