नई दिल्ली। दूरसंचार नियामक ने तकनीकी अड़चनों के कारण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) सेवा प्रदाताओं द्वारा पेश की जाने वाली पोर्ट-आउट सेवाओं के लिए नए नियमों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है।
आपको बता दें एमएनपी सुविधा के द्वारा उपयोगकर्ता को मोबाइल नंबर बदले बिना टेल्को ऑपरेटरों को बदलने की अनुमति देता है। भारतीय प्रतिभूति विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को कहा कि नए पोर्ट-आउट नियमों में 6.46 रुपये प्रति लेन-देन की पोर्टिंग फीस 11 नवंबर से चालू होने वाली थी। टेल्को और एमएनपी सेवा प्रदाताओं में कुछ तकनीकी मुद्दों के कारण इसका पालन किया जाता है ।

यहां इस बात पर गौर करना जरुरी है कि इस महीने की शुरुआत में, ट्राई ने 19 रुपये से पीपीटीसी को 66% से घटाकर 6.46 रुपये कर दिया था, जो कि 11 नवंबर से प्रभावी होना था। लेकिन संशोधित प्रक्रिया के स्थगित होने के बाद, 19 रुपये की पुरानी पोर्टिंग फीस अब तक लागू रहेगी।

टेल्कोस और एमएनपी सेवा प्रदाताओं के साथ दो हालिया ट्राई बैठकों के दौरान, यह निर्णय लिया गया कि उपयोगकर्ताओं को संशोधित एमएनपी प्रक्रिया में प्रवासित करने के लिए मजबूत परीक्षण की आवश्यकता होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें असुविधा न हो। हालांकि, नियामक ने कहा कि इस तरह के परीक्षण का समापन 11 नवंबर के भीतर नहीं हो सकता है, जिसके कारण यह टाल दिया गया है।

गौरतलब है कि इस सुविधा के बंद होने से कई लोगों को असुविधा का सामना करना पडेगा। ऐसे में इस सुविधा का बंद होना कई लोगों की स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाने जैसा है, क्योंकी अब वो सहजता से कंपनी को चेंज नहीं कर पायेंगे।
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