नोयडा (पुनीत माथुर)। स्थानीय आर्य समाज आर्श गुरूकुल सेक्टर 33 में  ' गणतंत्र काव्योत्सव' का आयोजन किया गया ।

मुख्य अतिथि डॉ . जयेंद्र कुमार आचार्य, प्राचार्य गुरूकुल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आरम्भ किया । विशिष्ट अतिथि रहे वरिष्ठ कवि रामदेव राही ।

कवि सम्मेलन का कुशल संचालन प्रसिद्ध  युवा कवि सुमित द्विवेदी दिलकश ने किया ।

प्रसिद्ध गीतकार डॉ. नित्यानंद शुक्ला ने ' वो कहते हैं हम दिलों के विजेता हैं ' जैसे सारगर्भित गीतों से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की ।



हरियाणा गौरव कवि सुनील शर्मा के 'वंदे मातरम ' और 'बेटियां ही जनम की दाता' गीतों पर श्रोता झूम उठे ।

युवा कवियत्री आँचल सक्सेना ने 'ज्ञान तो वेद में बंद है' जैसे वेदों और भारतीय संस्कृति का महत्व बताने वाले गीत सुनाए ।



ओज के कवि डॉ . स्वप्निल सागर जैन के ओजपूर्ण गीतों ने माहौल को गर्मा दिया । वहीं कवि नीर गोरखपुरी ने अपने मौलिक हास्य से श्रोताओं को खूब हंसाया ।

कवि संदीप शर्मा के 'क्यूँ बरसात में खुश्बू वाली मिट्टी नहीं होती' गीत ने सभी की बचपन की यादों को ताज़ा कर दिया ।






कवि सम्मेलन की संयोजिका व प्रसिद्ध कवियत्री नमिता नमन ने 'माँ की आंखों में देखोगे सारी दुनियां पाओगे', 'दुश्मन की जो नींद उड़ा दे ऐसी मैं तलवार हूँ' जैसे गीतों से नारी के महत्व का ज़िक्र किया ।

यशपाल मस्ती, अतुल द्विवेदी, चंद्रशेखर, कमल तोमर व संचालक सुमित द्विवेदी दिलकश ने अपनी रचानाओ से कवि सम्मेलन को यादगार बना दिया ।

खास बात ये रही कि इस कवि सम्मेलन में गुरुकुल के सभी छात्र मौजूद रहे ।

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