झारखंड के वर्तमान नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट को नकार दिया है. उनके मुताबिक इस बजट में केन्द्र सरकार ने अपनी चार साल की विफलताओं को स्वीकार कर लिया है. बतौर हेमंत देश में किसानों की हालत बेहद खराब है. शिक्षा, स्वास्थ्य की स्थिति बदतर है. बरोजगारी पहाड़ जैसा खड़ी है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट में नौकरी पेशा और छोटे लोगों को कोई राहत नहीं दी गई, जबकि कॉरपोरेट घरानों को लाभ दिया गया. ये बजट पॉकेटमार बजट है. सांसद, विधायकों के वेतन रिव्यू की घोषणा को लेकर हेमंत सोरेन ने सवाल उठाया कि क्यों नहीं यह व्यवस्था वृद्धा पेंशन,विधवा पेंशन और मनरेगा जैसी योजनाओं पर लागू किया गया.

स्मार्ट सिटी को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पिछले चार साल में एक भी स्मार्ट सिटी नहीं बन पाया, अब 99 स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जा रही है. बतौर हेमंत जनता 2022 तक इस सरकार का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि 2019 में ही ठीक कर देगी.

पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केएन त्रिपाठी ने भी बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बजट में छात्रों, ग़रीबों , किसानों , पिछड़ों एवं मध्यम वर्ग के लोगों के विकास का ख्याल नहीं रखा गया.  आगामी चुनावों में इस बजट का नतीजा देखने को मिलेगा.
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