यूपी में मौजूद पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन के क्षेत्र मे यूपी को देश का पहला राज्य बनाने के लिये पर्यटन विभाग द्वारा यूपी की एक नई पर्यटन नीति बनाई गई है. यूपी की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा ने इस नई पर्यटन नीति में पीपीपी माॅडल पर दिये गये खासा जोर और पर्यटन को मिले उधोग के दर्जे के कारण जहां योगी सरकार के कार्यकाल में ही पर्यटन के क्षेत्र मे यूपी को देश के शिखर पर पहुंच जाने का दावा किया, वहीं इस पर्यटन नीति से पर्यटन के क्षेत्र में यूपी के लोगों को भी एक बड़े स्तर पर रोजगार मिलने का दावा किया.
देश में यूपी को पर्यटन के क्षेत्र मे अव्वल बनाने के लिये 15 प्रतिशत देशी और 10 प्रतिशत विदेशी पर्यटको को यूपी के पर्यटन स्थल तक लाने का लक्ष्य रखा गया है, और साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में प्रतिवर्ष कम से कम 5000 करोड़ के निवेश के दावे किये जा रहे है. जिसमें इन्वेस्टर्स मीट के पहले ही करीब 10000 करोड़ के निवेश से जुड़े 23 प्रस्ताव सरकार को मिल चुके है.
जिसके चलते योगी सरकार ने रामायण, कृष्णा, बौद्ध, जैन, सूफी-कबीर, महाभारत, बुन्देलखंड सर्किट को साथ वाइल्ड-लाईफ और ईको टूरिज्म सर्किट के 20 किलोमीटर के दायरे मे होडस रिसार्ट जैसे क्षेत्रो में निवेश करने वाले निवेशकों को एक बड़ी सब्सिडी के साथ हर संभव सुविधा मुहैया करायेगी.
यूपी सरकार की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा ने कहा कि इस दौरान होटल, रिसोर्ट, वेलनेस सेंटर को 15 प्रतिशत, लो बजट होटल और एडवेंचर- वाइल्ड-लाईफ टूरिज्म के तहत बनने वाले टेन्ट्स को 20 प्रतिशत के साथ जहां हेरिटेज और लाईट एंड साउंड से जुडे नये प्रोजेक्टस को सर्वाधिक 25 प्रतिशत की सब्सिडी दी जायेगी, वहीं नये प्रजोक्ट. के लिये जमीन की खरीद,लीज, कन्वर्जन और ट्रांसफर पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट के साथ स्किल डेवलपमेंट में भी 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी.
इतना ही नहीं इस दौरान पर्यटन विभाग राजस्व और सिचाई विभाग की जमीन और गेस्ट हाउस को लीज पर लेकर जहां लैंड बैंक तैयार कर, पर्यटकों को आकर्शित करने का हर संभव प्रयास करेगा, वहीं इस क्षेत्र मे निवेश करने वाले निवेशकों को सिंगल विंडो के जरिये निवेश से जुड़ी हर प्रक्रिया को पूरा करने की सुविधा मुहैया कराई जायेगी.



Post A Comment:
0 comments so far,add yours