बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवान अजय कुमार का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है. सहारनपुर निवासी अजय कुमार ने एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिवार के लिए न्याय की गुहार लगायी है. वीडियो में बीएसएफ जवान ने धमकी दी है कि अगर उन्हें और उनके परिवार को न्याय नहीं मिला तो वह हथियार उठा लेगा.
गंगोह के गांव तातारपुर निवासी अजय सिंह बीएसएफ की 102 बटालियन में तैनात है. इन दिनों उनकी पोस्टिंग बांग्लादेश बॉर्डर पर है. वीडियो में अजय कुमार कहते नजर आ रहे हैं, ''मैंने सरहद की रक्षा के लिए हथियार उठाए हैं. मुझे इतना मजबूर मत करो. मगर अब मैं अपने परिवार की रक्षा के लिए हथियार उठाऊंगा. जिसका जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन होगा.''
जवान का आरोप है कि ग्राम प्रधान की मदद से पुलिस ने उसके लहलहाती फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर बर्बाद कर दिया. इतना ही नहीं उसके बुजुर्ग पिता पर झूठे केस लगाकर जेल में डाल दिया. घर की महिलाओं को भी वांछित करार दे दिया. उसका कहना है कि जिला पुलिस की मिलीभगत से उसका परिवार बर्बाद हो गया.
प्रधानमंत्री को संबोधित वीडियो में बीएसएफ जवान ने कहा है कि उसने इसकी शिकायत जिले के एसएसपी और संबंधित सीओ से भी की है, लेकिन 20 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. इतना ही नहीं जब उसने सीओ से बात कि तो उसे भी गांव आने पर जेल में डालने की धमकी दी गई.
वीडियो में जवान ने केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर भी सवाल उठाते हुए उनके परिवार के साथ हुई ज्यादती का आरोप मढ़ा है.
क्या है पूरा मामला?
गांव तातारपुर में 5 जनवरी को बीएसएफ जवान अजय कुमार के पिता सरदारा सिंह, भाई प्रमोद कुमार व अन्य रिश्तेदारों को पुलिस ने जेल में डाल दिया. उनकी बहनों को वांछित घोषित कर दिया. पुलिस की कार्रवाई का वीडियो भी वायरल हुआ था. इस मामले में सीओ गंगोह ने अपनी जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट देते हुए सारा दोष परिवार पर मढ़ दिया था.
पुलिस अधिकारी इस पूरे मामले पर अपनी किरकिरी होता देखकर पल्ला झाड़ते नज़र आ रहे हैं. मामले में एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि इस मामले में जो जानकारी मिली है वह ये है कि लेखपाल और पुलिस के नेतृत्व में एक टीम अवैध कब्जे को हटवाने और भूमि विवाद के निस्तारण के लिए गई थी. भूमि विवाद के निस्तारण के दौरान ही लेखपाल और उनकी टीम पर हमला किया गया. जिसके बाद परिवार के खिलाफ मुकदमा लेखपाल ने लिखवाया है. मुक़दमे में अभियोग की विवेचना की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएगा उसी अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी.



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