राज्य सरकार द्वारा जेपीएससी सिविल सेवा 2016 की पीटी परीक्षा का संशोधित रिजल्ट प्रकाशित करने के निर्देश दिए दो महीने हो चुके हैं. आयोग द्वारा इस परीक्षा को लेकर लीगल ओपिनियन मांगी गई थी जिसपर जवाब जेपीएससी को मिल चुका है. इसके बाबजूद जेपीएससी ने इस परीक्षा को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. ऐसे में इस परीक्षा में शामिल हजारों छात्रों का भविष्य अंधकार में है.

मालूम हो कि 29 जनवरी से जेपीएससी ने मुख्य परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रखी थी मगर ऐन वक्त पर पीटी रिजल्ट में आरक्षण को लेकर उठे विवाद के बाद सरकार ने मुख्य परीक्षा को स्थगित कर नए सिरे से रिजल्ट प्रकाशित करने का निर्देश आयोग को दिया था.

24 जनवरी को सरकार के निर्देश के बाद आयोग ने मुख्य परीक्षा स्थगित कर नए सिरे से रिजल्ट प्रकाशित करने की तैयारी शुरू की. रघुवर कैबिनेट ने इस परीक्षा को लेकर सभी कोटि के छात्रों के लिए कट ऑफ भी निर्धारित करते हुए फिर से रिजल्ट प्रकाशित करने का फैसला लिया थाजिसके तहत करीब 40 हजार परीक्षार्थी पीटी में सफल होंगे.

सबसे खास बात यह है कि इससे पहले कभी भी कैबिनेट ने परीक्षा परिणाम का कटऑफ को लेकर कोई फैसला नहीं लिया था. मालूम हो कि 2016 में प्रकाशित यह विज्ञापन शुरू से ही विवादों में रहा है और अब तक तीन बार मुख्य परीक्षा स्थगित की जा चुकी है. ऐसे में इस परीक्षा में शामिल छात्र अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं और मजबुर होकर आंदोलन करने की योजना बना रहे हैं.
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