एक वर्ष पूर्व भागा नक्सली परमजीत अपने हथियारबंद दस्ते के साथ इंदुवा में बन रहे पुल निर्माण कार्य में बीते गुरुवार की रात्रि पहुंचकर जेनरेटर में आग लगा दी थी. इतना ही नहीं उसने कर्मी रंजन यादव, पुखराज को पीटा भी था. इसके बाद घटना स्थल पर पहुंचकर पुलिस ने जांच पड़ताल की थी. लेकिन शनिवार की देर रात नक्सली परमजीत यादव फिर से आ धमका और मुंशी को खोजने लगा. जब वहां पुल के आसपास ग्रामीणों से मुंशी का पता नहीं चल पाया तब उसने बम से पुल को उड़ा दिया. इससे पुल का अगला हिस्सा बुरी तरह छतिग्रस्त हो गया है.
ग्रामीण युवकों ने बताया कि इससे पूर्व भी कई बार नक्सलियों ने काम बंद करा दिया था. इस बार नक्सली परमजीत यादव फोन पर मुंशी को ठेकेदार से पैसा दिलवाने की बात बोलकर धमकी देता था. पैसे नहीं देने पर बार-बार अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा करता था. वहीं संवेदक ने बताया की लेवी के लिए घटना को अंजाम दिया गया है.
इलाके के ग्रामीणों के अनुसार पुल निर्माण कार्य हो जाने से बारियातु और चतरा जिला के लावालौंग जाने में सुविधा हो जाती. बरसात के दिनों में ग्रामीणों के लिए इन इलाकों में जाना-आना और भी मुश्किल हो जाया करता है. ग्रामीणों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है.



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