पंजाब नैशनल बैंक के साथ 12 हजार करोड़ से ज्यादा के लोन फ्रॉड के आरोपी नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड से कर्ज वसूली पर अमेरिका की एक अदालत ने अंतरिम रोक लगा दी है.

दरअसल नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड इंक ने दिवालिया कानून के तहत संरक्षण के लिए न्यूयॉर्क की एक अदालत में चैप्टर-11 याचिका दायर की थी, जिस पर जज सॉन एच लेन ने सुनवाई की. अमेरिकी दिवालिया अदालत ने कहा कि इस संबंध में याचिका मंजूर होने के साथ ही कर्ज वसूलियों पर खुद ब खुद रोक लग जाती है.

कोर्ट की तरफ से जारी दो पन्नों के आदेश में कहा गया है, 'इसका मतलब हुआ कि कर्ज देने वाले अब वसूली के लिए अपने कर्जदार या उसकी संपत्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते.'
इसमें कहा गया है, 'उदाहरण के लिए, जब तक ये रोक लागू है, लोन देने वाले अपने कर्जदार से वसूली के लिए न उन पर कोई केस कर सकते हैं और न ही उनकी संपत्तियां ही जब्त कर सकते हैं. इसकी अवहेलना करने वालों को वास्तविक और दंडात्मक नुकसान और वकील की फीस भी चुकानी पड़ सकती है.'

बता दें कि नीरव मोदी, उनके मामा मेहुल चौकसी और उनसे जुड़ी कंपनियों पर पीएनबी से 12,717 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, उसका कारोबार अमेरिका, यूरोप, पश्चिम एशिया और भारत सहित कई देशों में फैला है. उसने अपनी मौजूदा स्थिति के लिए नकदी और सप्लाइ चेन में दिक्कतों को जिम्मेदार बताया है. अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार कंपनी ने 10 करोड़ डालर की आस्तियों व कर्ज का जिक्र किया है.
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