बहुचर्चित अलकतरा घोटाला के एक मामले में शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी पाए गए 6 आरोपियों को 5-5 वर्ष की सजा के साथ अधिकतम 25 लाख का अर्थदंड की सजा सुनाई है. न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत ने फैसला सुनाते हुए हजारीबाग सड़क निर्माण विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता मो. इशाक को पांच वर्ष की सजा और 24 लाख का अर्थदंड की सजा सुनाई है.
वहीं अन्य आरोपी आर एस मंडल, आशी, मेथी, विनय कुमार सिन्हा, अशोक अग्रवाल, रंजन प्रधान को पांच-पांच वर्ष की सजा के साथ-साथ 25-25 लाख का अर्थदंड की सजा दी गई है.1992-93 में हजारीबाग सड़क निर्माण विभाग द्वारा अलकतरा खरीद और सड़क निर्माण के लिए करीब 50 लाख की निकासी की गई थी. इस मामले में सीबीआई ने 1997 में कांड दर्ज कर जांच शुरू की थी. इस मामले में 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था.
आरोपी पक्ष के अधिवक्ता अविनाश सिन्हा ने कहा कि यह 1993 का मामला है जिसमें गबन की बात थी. इसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था. कोर्ट ट्रायल के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो गई. चार लोग सरकारी गवाह बन गए जबकि सात लोगों ने मुकदमा लड़ा. इन सात में से एक मंदिप कुमार सिन्हा को बरी कर दिया गया. बचे 6 लोगों को दोषी पाया गया और उन्हें सजा हुई है.



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