झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने फ्लैगशिप योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया. इसको लेकर सीएम ने अधिकारियों को लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है और सख्त हिदायत दी कि लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं होगी.
राज्य सरकार के पास फ्लैगशिप योजनाओं को पूरा करने का बड़ा दायित्व है. इसके तहत केंद्र सरकार की योजनाएं लक्ष्य आधारित होती हैं. क्रियान्वयन राज्य सरकार को करना होता है. इसलिए रघुवर सरकार की भी चिंता स्वाभाविक है कि योजनाएं समय पर पूरी हों. सीएम रघुवर दास ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में प्रमंडलीय समीक्षा की अंतिम कड़ी में दक्षिणी छोटानागपुर की योजनाओं की समीक्षा की. बैठक में रांची, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और खूंटी जिले के उपायुक्त शामिल हुए. बैठक में सीएम रघुवर दास ने कई निर्देश दिए.
प्रमंडलों के अधीन आने सभी जिलों को विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं को पूरा करने के लिए गाइडलाइंस दिए गए हैं. मसलन
- उज्ज्वला योजना के तहत पूरे राज्य में 34 लाख लाभुकों को इसका लाभ देना है. फार्म 15 नवंबर तक भरे जाने का निर्देश
- पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश
- सौभाग्य योजना के तहत सभी घरों में दिसंबर 2018 तक बिजली का कनेक्शन दिया जाना है. इसको प्राथमिकता देने का आदेश
- पिछड़े जिलों में चल रही योजनाओं पर विशेष फोकस
- आंगनबाड़ी केंद्र में हेल्थ चेक अप की व्यवस्था
- स्कूलों में नियमित ड्राप आउट पर ध्यान देने का निर्देश
बैठक में सीएम ने निर्देश दिया कि जमीन से संबंधित विषयों को भी उपायुक्त निबटाएं. फ्लैगशिप योजनाओं के लिए जिला उपायुक्तों को कोआर्डिनेटर बनाया गया है. मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 मई को झारखंड आ रहे हैं. अन्य कार्यक्रमों के अलावा वे एसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट में चल रही योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे. पूरे देस में 114 एसपिरेशनल ड्रिस्ट्रिक्ट यानी पिछड़े जिले हैं. झारखंड के 24 में से
19 जिले इस श्रेणी में आते हैं.



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