झारखंड सरकार और जिला प्रशासन पत्थलगड़ी आंदोलन पर नकेल कसने की कवायद जारी है. उधर, इसका खामियाजा अब स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है. ताजा मामला खूंटी के जिउरी गांव का है. यहां के मुखिया सह ग्रामप्रधान बिंसाय मुंडा को प्रशासन का सहयोग करने पर पत्थरगड़ी समर्थकों और माओवादियों ने जान से मारने की धमकी दी है.

बिंसाय मुंडा को यह जानकारी किसी और ने नहीं बल्कि पुलिस ने ही दी. बाबजूद इसके पुलिस उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. इस बीच बिंसाय मुंडा ने सीएम रघुवर दास समेत जिले के एसपी व डीसी को पत्रकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि पत्थलगड़ी आंदोलन के खिलाफ में  जिला प्रशासन का साथ देने पर माओवादी और पत्थलगड़ी समर्थक उनके जान के दुश्मन बन गए हैं.

अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने पहले भी उन पर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच निकले. मुखिया का आरोप है कि धमकी को लेकर स्थानीय पुलिस व एसपी अपनी जुबान खोलने को
तैयार नहीं है. उनका कहना है कि सुरक्षा के नाम पर सिर्फ सतर्क रहने की सलाह पुलिस द्वारा दी जा रही है. लेकिन बार-बार जिला प्रशासन को सहयोग करने के बाबजूद अगर उन्हें सुरक्षा नहीं मिली तो वह ऐसे कामों में मदद करना बंद कर देंगे.

चंद महीने पहले तक खूंटी प्रशासन के लिए पत्थलगड़ी आंदोलन बड़ी चुनौती थी. इसे स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधानों की मदद से प्रशासन ने काबू पाया. अब पत्थलगड़ी समर्थक ऐसे लोगों को टारगेट कर रहे हैं, जिन्होंने प्रशासन को इसमें साथ दिया.
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