झारखंड के जमशेदपुर में पुलिसिया जुल्म का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप में सीतारामडेरा पुलिस ने एक नाबालिग लड़के को इतना पीटा कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
लड़के ने जब पुलिस को लड़की के चाईबासा में होने का सबूत दिखाया और फोन पर बात कराई तो पुलिस ने उसे घायल अवस्था में परिवार के हवाले कर दिया. परिजनों ने लड़के को एमजीएम में भर्ती कराया. दरअसल जब संदीप ने पुलिस को लड़की से बात कराई तो उसने साफ कहा कि वह चाचा के व्यवहार से तंग आकर घर से भागी है. इसके बाद जब पुलिस को लगा कि संदीप बेकसूर है तो उसे घरवालों के हवाले कर दिया गया.
संदीप के घरवालों का आरोप है उसके बेटे को पुलिस ने बेवजह इतना पीटा कि वह अस्पताल की बिस्तर पर पड़ा हुआ है. जबकि लड़की चाचा के चलते 2 मई को घर से भागी थी. मामला मीडिया में आने के बाद लड़की के पिता भी संदीप को बेकसूर बता रहा है और थाने में मारपीट को भूलने की अपील की है.
टीम ने जब इस सिलसिले में सीतारामडेरा थानाप्रभारी से संपर्क साधा तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इंकार किया. हालांकि बताया कि लड़की की सहेलियों ने इस लड़के का नाम दिया था, इसलिए पूछताछ हुई.
लड़के ने जब पुलिस को लड़की के चाईबासा में होने का सबूत दिखाया और फोन पर बात कराई तो पुलिस ने उसे घायल अवस्था में परिवार के हवाले कर दिया. परिजनों ने लड़के को एमजीएम में भर्ती कराया. दरअसल जब संदीप ने पुलिस को लड़की से बात कराई तो उसने साफ कहा कि वह चाचा के व्यवहार से तंग आकर घर से भागी है. इसके बाद जब पुलिस को लगा कि संदीप बेकसूर है तो उसे घरवालों के हवाले कर दिया गया.
संदीप के घरवालों का आरोप है उसके बेटे को पुलिस ने बेवजह इतना पीटा कि वह अस्पताल की बिस्तर पर पड़ा हुआ है. जबकि लड़की चाचा के चलते 2 मई को घर से भागी थी. मामला मीडिया में आने के बाद लड़की के पिता भी संदीप को बेकसूर बता रहा है और थाने में मारपीट को भूलने की अपील की है.
टीम ने जब इस सिलसिले में सीतारामडेरा थानाप्रभारी से संपर्क साधा तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इंकार किया. हालांकि बताया कि लड़की की सहेलियों ने इस लड़के का नाम दिया था, इसलिए पूछताछ हुई.



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