पश्चिम सिंहभूम के अति नक्सल प्रभावित पोड़ाहाट जंगल में बीती रात नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया. पोडाहाट जंगल के गांवों के विकास लिए सरकार इस क्षेत्र को सड़कों से जोड़ना चाहती है. इसके लिए सरकार मनोहरपुर-गोईलकेरा-चक्रधरपुर तक दो लेन वाली सड़क का निर्माण करा रही है. लेकिन नक्सलियों ने सड़क के निर्माण में लगे बासुकी इंटरप्राइजेज ठेका कंपनी के 13 वाहनों को फूंक डाला. नक्सलियों के इस आगजनी से ईलाके में दहशत का माहौल बन गया है. दूसरी तरफ ठेका कम्पनी को करोड़ों का नुकसान हुआहै. इस घटना के बाद से सड़क निर्माण कार्य भी प्रभावित हो गया है. पोडाहाट के विकास को तगड़ा झटका लगा है. साथ ही सड़क निर्माण में लगे स्थानीय लोगों का रोजगार भी छीन गया है.
घटना बीती रात की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक ईलाके में नक्सली रात दस बजे से लेकर दो बजे रात तक उत्पात मचाते रहे. लेकिन इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लगी. नक्सलियों ने गोईलकेरा थाना क्षेत्र के पारलिपोश में स्थित दो जगहों में घटना को अंजाम दिया. पहली घटना दलकी चौक की है जहां दस गाड़ियों को नक्सलियों ने फूंक डाला. इसमें एक पोकलेन, एक लोडर, तीन जेसीबी, पांच डम्फर शामिल हैं. वहीं दूसरी घटना उसी के पास बालियाडीपा टोला में घटी जहां नक्सलियों ने तीन हाईवा को उसी के तेल से जला डाला.
बताया जाता है की करीब 100 नक्सली ईलाके में आ धमके थे. सबके पास धारदार हथियार से लेकर बंदूक तक थे. नक्सलियों ने सबसे पहले ग्रामीणों के दरवाजों को बाहर से बंद कर दिया और घर से बाहर निकलने पर जान से मार डालने की धमकी दी. इसके बाद कंसट्रक्शन साईट पर मौजूद कर्मचारियों को भगा दिया. फिर एक एक कर साईट पर मौजूद सभी गाड़ियों को जला डाला.
इधर पुलिस घटना की सूचना पाकर घटना स्थल की ओर रवाना हो चुकी है. लेकिन अबतक घटना स्थल पर पहुंची नहीं है. इस घटना से एक बार फिर पुलिस के ख़ुफ़िया तंत्र और दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पुलिस का दावा था कि पुलिस की कार्रवाई से नक्सली सारंडा पोडाहाट जंगल में बचे खुचे रह गए हैं. लेकिन नक्सलियों के 100 की संख्या में इस आगजनी कांड ने पुलिस के सारे दावों की पोल खोल दी है. आशंका व्यक्त की जा रही है कि नक्सलियों ने लेवी की मांग को लेकर इस घटना को अंजाम दिया होगा. लेकिन पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से फिलहाल बच रही है.



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