सर्वेक्षण के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र के 52 फ़ीसदी लोगों तक पहुंचा डिजिटल भारत।
  केलांचल टीम, दिल्ली-
 भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस डिजिटल भारत के सपने के लिए अभियान चलाया था अब वह ग्रामीण क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे साकार होने लगा है। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर यह यह देखने को मिल रहा है कि लोग धीरे-धीरे मोबाइल के माध्यम से डिजिटल होते चले जा रहे हैं। झारखंड में टीम के सदस्यों द्वारा सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए लोगों से पूछताछ के क्रम में यह जानकारी मिली कि धीरे-धीरे उनका विश्वास दैनिक समाचार पत्रों से उठता चला जा रहा है। गांव के युवा वर्ग अपने हाथों में मोबाइल लेकर  देश के विकास योजनाओं की गतिविधि का अवलोकन कर रहे हैं। राजनीति से भरे हुए समाचार भी उन्हें पलकों में मिल जाते हैं इसलिए समाचार पत्रों की अब कोई विश्वसनीयता उनके लिए नहीं है। युवा वर्ग तो यहां तक कहते हैं कि बड़े-बड़े दैनिक समाचार पत्र उनके गांव तक पहुंचते ही नहीं है जिस कारण गतिविधियों की जानकारी उन्हें यथासमय मिल ही नहीं पाती है। कई युवा तो यहां तक कहते हैं कि अब उनका गांव शिक्षित हो गया है और युवा किसी न किसी रोजगार से जुड़ रहे हैं जिस कारण उनके पास समाचार पत्र पढ़ने का समय ही नहीं मिलता है। केलांचल टीम के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर 52 फ़ीसदी युवा वर्ग और आम नागरिक भी अब डिजिटल भारत से जुड़ चुके हैं। दैनिक समाचार पत्रों की लोकप्रियता भी धीरे-धीरे बहुत कम होती जा रही है। गांव के बुद्धिजीवियों ने तो यहां तक कामना की है कि प्रधानमंत्री जी का यह डिजिटल भारत का सपना जल्द साकार हो और वे पूरे देश की मुख्यधारा से जल्द से जल्द जुड़ जाए।
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