झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति, नई दिशा के तहत लातेहार में पांच लाख का इनामी सब जोनल कमांडर वीरेंद्र यादव ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. वह जिले के मनिका थाना के पल्हैया गांव का रहने वाला है. उसके ऊपर लातेहार जिले में लगभग 30 केस दर्ज हैं.

वीरेन्द्र यादव भाकपा माओवादी में लगभग पिछले 12 वर्षों से सक्रिय था. उसका आतंक गारू, महुआडांड़ लातेहार, मनिका समेत कई जिलों में था. 214 बटालियन CRPF के कैंप में कार्यक्रम का आयोजन कर माओवादी वीरेंद्र को सरेंडर करवाया गया.

कार्यक्रम के दौरान डीआईजी विपुल शुक्ला ने बताया कि नक्सलियों के पास आत्मसमर्पण के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है. जो नक्सली अपनी सूझ-बूझ दिखा रहे हैं और समाज की मुख्यधारा में लौटना चाह रहे हैं, उनका झारखंड पुलिस स्वागत करने को तैयार है. डीआईजी ने कहा कि वैसे नक्सली जो मुख्यधारा से भटके हुए हैं और जंगलों की खाक छान रहे हैं, वे पुलिस की गोली खाने के लिए तैयार रहें.

एसपी ने बताया कि नक्सलियों को दस्ते  में रहने से कोई फायदा नहीं है.वह अपने परिवार और समाज से दूर जंगलों में भटकते रहते हैं. वैसे नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें जैसा कि सबजोनल कमांडर वीरेंद्र यादव ने किया.



नक्सली वीरेंद्र यादव ने बताया कि वह सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्यधारा में वापस आ गए हैं और अपने परिवार के साथ अच्छे से जीवन गुजर बसर करना चाहते हैं. वही अन्य साथियों से भी उसने बंदूक छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण नीति का फायदा उठाने की सलाह दी. वीरेंद्र यादव को आत्मसमर्पण नीति के तहत इनाम की राशि और अन्य सुविधाएं दी गई.
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