लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत का कहना है कि विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार होगा. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा हंगामेदार होने के पीछे राज्य सरकार ही जिम्मेदार होगी. विधायक के अनुसार जमीन अधिग्रहण संशोधित बिल मुख्य मुद्दा होगा. इसकी तैयारी विपक्षी पार्टियों ने कर ली है.

विधायक ने कहा कि सरकार असंवेदनशील है. सरकार ने भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन किया है. इसके विरोध में सभी विपक्षी दलों ने 5 जुलाई को झारखंड बंद भी किया जो काफी सफल भी रहा. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा आहूत बैठक में विपक्षी पार्टियां शामिल नहीं हुई. इनसे यही संकेत मिलता है कि लोग सरकार की नीतियों से नाराज हैं.

उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल, किसानों की आत्महत्याएं, जेपीएससी द्वारा परीक्षाओं का आयोजन नहीं करना, छात्रों की समस्याएं, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और गिरती विधि व्यवस्था आदि जैसी समस्याओं को देख यही कहा जा सकता है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है. उन्होंने कहा कि यह सरकार होर्डिंग और बोर्डिंग की सरकार बन गई है. यह सरकार जमीनी हकीकत से काफी दूर है. विधायक ने कहा कि इन सारे मुद्दों को लेकर झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र के हंगामेदार होने की आशंका है.

विधायक ने रघुवर सरकार पर लोगों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया. विधायक ने कहा कि सरकार ने कहा कि संशोधित भूमि अधिग्रहण बिल इसलिए लाया गया है क्योंकि हमें स्कूल खोलने हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूलों के विलय को लेकर 5 हजार विद्यालयों को बंद कर दिया है. फिर सरकार बोल रही है कि हमें एलेक्ट्रिक पोल लगाने हैं, विद्युत सब स्टेशन हमें खोलने हैं. उन्होंने जानना चाहा कि इसके लिए क्या ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने ऐसा कोई पत्र लिखा है क्या कि उसे जमीन अधिग्रहण करने में दिक्कतें हो रही हैं.

विधायक ने कहा कि सरकार जानबुझकर लोगों को मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह के विवादस्पद चीजों को सामने लाती है ताकि लोग सरकार की कार्यशैली पर अंगुली न उठा सकें. उन्होंने कहा कि सरकार की ये सब सोची समझी चाल लगती है.
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