मिशनरीज ऑफ चैरिटीज से बच्चा बेचे जाने के मामले को लेकर अब सियासत तेज हो गई है. पुलिस प्रशासन द्वारा संस्था पर कार्रवाई और जांच शुरू होते ही विभिन्न विपक्षी दलों के नेता मिशनरीज ऑफ चैरिटीज पहुंचने लगे हैं. बीते शुक्रवार को कांग्रेसी नेताओं के दौरे के बाद शनिवार को जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और पूर्व मंत्री बंधू तिर्की भी मिशनरीज ऑफ चैरिटीज पहुंचे.
बाबूलाल मरांडी ने करीब एक घंटे तक पूरे संस्था का मुआयना किया और वहां की संचालिका के साथ बातचीत की. मीडिया से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधा और कहा कि गरीबों और पीड़ितों की सेवा के लिए समर्पित संस्था का कोई स्टाफ अगर गलत करता है तो मामले की जांच होनी चाहिए, न कि मीडिया ट्रायल.
उन्होंने कहा कि बीजेपी और संघ वाले राजनीति करते हैं. अनाप-शनाप बोलते रहते हैं, क्योंकि उनको राजनीति करनी है, काम नहीं करना है. लेकिन इस राजनीति में वे सफल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती पर मिशनरीज संस्थाओं ने आदिवासी बच्चों को पढ़ा-लिखा कर योग्य बनाया है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार पूरे मामले की जांच कराए. उसके बाद ही संस्था पर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करे. वहीं इस मामले पर संस्था की संचालिका ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया.



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