झारखंड में  न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी।

रांची (केलांचल टीम)-  झारखंड विकास मोर्चा की केंद्रीय प्रवक्ता सुश्री रिंकी झा पेशे से वकील है। इनके पिता व्यवसाय से जुड़े रहे हैं।कानून की परीक्षा उत्तीर्ण  करने के पश्चात 1 वर्ष तक चंडीगढ़ हाई कोर्ट में प्रेक्टिस किया। वर्तमान में झारखंड सरकार के श्रम मंत्रालय में रिटेनर एडवोकेट, झारखंड कृषि विभाग के रिटेनर एडवोकेट तथा झालसा के अधिवक्ता हैं। सुश्री सिंह की बताती हैं कि चंडीगढ़ में प्रवास के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि झारखंड में व्यवस्थाओं की कमी है जिस कारण बाबूलाल के आदर्शों से प्रेरित होकर झारखंड विकास मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की।  श्री बाबूलाल जी झारखंड की मिट्टी से जुड़े हैं। 2015 में पार्टी की केंद्रीय सदस्य और 2017 में केंद्रीय प्रवक्ता मनोनीत की गई। झारखंड विकास मोर्चा के कानूनी पहलूओं को  सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। विगत 1 वर्ष से सारठ विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक कार्यों में लगातार इनकी अभिरुचि है। कहती हैं कि मैं सारठ की बेटी हूं और वहां के लोग डर के साए में जीते हैं इसलिए पार्टी के दिशा निर्देश में सारठ विधानसभा के लोगों के लिए चुनाव भी लड़ सकती हूं। बताती हैं कि उनकी आदर्श सेंट मदर टेरेसा है।उनके आदर्शों से प्रेरित होकर समाज सेवा कर रही हूं। जीवन का लक्ष्य समाज सेवा है। पार्टी में  महिलाओं को सम्मान मिलता है। महिलाओं को संदेश देते सुश्री रिंकी झा कहती हैं कि भारत के महिलाओं को शोषण और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरुक रहना चाहिए। महिलाएं ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती हैं ।भारत के संविधान में महिलाओं को कानूनी अधिकार दिए गए हैं जिसके प्रति सचेत रहने की जरूरत है। समाज के लोगों और महिलाओं को वृद्धों का सम्मान करना चाहिए I
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