झारखंड दौरे पर आए 15वें वित्त आयोग के समक्ष राज्य सरकार ने खनन के दुष्परिणामों पर क्षतिपूर्ति की मांग की. ट्राइबल स्टेट की जरुरतों और चुनौतियों को भी सरकार ने रखा. आयोग ने इस दौरान सरकार और प्रतिपक्ष की भी बात सुनी.
अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को वित्त आयोग ने महत्वपूर्ण बैठकें कीं. राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नेतृत्व किया. इस बैठक में कई मंत्री के अलावा लगभग सभी विभागों के सचिव मौजूद रहे . राज्य सरकार के साथ आयोग की लगभग चार घंटे की बैठक चली.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह को मेमोरेंडम दिया. इसमें ग्रांट इन एड में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये की मांग की गई. सेक्टोरल डेवलपमेंट के लिए
अलग-अलग राशि की मांग की गई. आयोग और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच प्वाइंट टू प्वाइंट चर्चा हुई. आयोग ने राज्य सरकार के मेमोरेंडम की तारीफ की.
मेमोरेंडम में राज्य सरकार ने इन प्वाइंट्स को रखा
1. खनन क्षेत्र का लाभ पूरे देश को मिलता है, लेकिन झारखंड विस्थापन, प्रदूषण व अन्य संबंधित समस्याएं झेलता है. इसके एवज में क्षतिपूर्ति दी जानी चाहिए.
2. झारखंड में वनक्षेत्र काफी है. इसका लाभ भी पूरे देश को मिलता है. लेकिन झारखंड को इसका वेट मिलना चाहिए. अभी 7.5 प्रतिशत है. इसे 10 प्रतिशत किया जाना चाहिए.
3. ट्राइबल जनसंख्या को ध्यान में रखकर राशि का आवंटन होना चाहिए. समस्याएं और चुनौतियों का मूल्यांकन किया जाए.
4. अशिक्षा, गरीबी, कुपोषण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए राशि दी जानी चाहिए.
5. झारखंड सरकार ने 2011 की जनसंख्या को आधार बनाया
6. केंद्रीय करों में झारखंड का शेयर 50 प्रतिशत होना चाहिए.
आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने कहा कि विशेष पैकेज की मांग सरकार ने नहीं की है. लेकिन कुछ राजनीतिक दलों की ओर से यह बात सामने आयी है. आयोग तमात पहलुओं पर विचार करेगा.
दौरे के दूसरे दिन राज्य सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिवेदन दिया गया. इसमें सारी चीजों का वर्णन किया गया. इस सिलसिले में वित्त आयोग ने राज्य सरकार से कई सवाल किए.
वित्त आयोग के राज्य सरकार से सवाल
1. राशि के खर्च करने में अपेक्षित गति नहीं है.
2. उदय योजना पर ठीक से काम नहीं हुआ.
3. झारखंड बनने के बाद 18 साल में जो होना चाहिए, वह नहीं हो सका, वर्तमान सरकार ने पिछले तीन साल में गति देने की कोशिश की है.
4. योजनाओं के क्रियान्वयन में तत्परता दिखनी चाहिए.
दूसरे दिन आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी उनका सुझाव जाना. भाजपा की ओर से दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा, जेएमएम की ओर से हेमंत सोरेन, जेवीमो से प्रदीप यादव, कांग्रेस की ओर से डा. अजय कुमार और सीपीआई की ओर से भुवनेश्वर प्रसाद शामिल हुए. नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड को विशेष पैकेज मिलना चाहिए.



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