पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच झारखंड राज्य में निजी बस किराया बढ़ाया गया है.इससे आम यात्रियों की परेशानी बढ़ी है तो वहीं बस ऑपरेटर डीजल के दामों में हो रहे वृद्धि का हवाला दे रहे हैं.इधर बगैर सरकार के अनुमति के किराया में हुई वृद्धि पर परिवहन विभाग ने नाराजगी जताई है.इधर निजी बस मालिकों के द्वारा मनमाने तरीके से बस किराये में हुई वृद्धि पर परिवहन विभाग इसकी समीक्षा कर रही है.सरकारी तौर पर 2008 के बाद से अब तक बस किराये में वृद्धि नहीं हुई है.
परिवहन विभाग का कहना है कि यदि बस मालिकों को किराया बढ़ाना ही था तो उनके साथ बैठक कर किराया निर्धारित होनी चाहिए थी.निजी बस मालिकों ने एसी बस सेवा से लेकर सामान्य बस के किरायों में वृद्धि की है.बढे हुए बस किरायों पर नजर दौरायें तो रांची से विभिन्न जिलों के लिए खुलने वाली बसों के किराये में 20 से 30 रुपये तक की वृद्धि की गई है.इधर बस किराये में हुई वृद्धि का आम लोगों पर खासा असर पड़ा है.त्यौहार के इस सीजन में बस किराये में हुई वृद्धि से लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है.
परिवहन मंत्री सीपी सिंह ने बस किराये में हुई वृद्धि पर नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि डीजल के दाम यदि घटते हैं तो किराया भी घटने की भी शर्त निजी बस मालिकों पर लगाई जए.बहरहाल राज्य में पेट्रोल और डीजल के दामों में हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि ने आम लोगों को खासा परेशान कर रखा है.वैट के दर में कमी करने की मांग को लेकर पेट्रोल-डीजल विक्रेता संघ 1 अक्टूबर को राज्यभर के पंपों को बंद रखने का निर्णय लिया है.ऐसे में सरकार के द्वारा यदि कुछ ठोस कदम उठाये जाते हैं तो आम लोगों की परेशानी जरुर दूर हो जाएगी.



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