झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स का स्वास्थ्य मंत्री ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान मंत्री ने इमरजेंसी, पीएम जनआरोग्य योजना के साथ-साथ रोगियों से रिम्स के हाल पर जानकारी ली. मंत्री ने अधीक्षक और उपाधीक्षक के साथ बैठक कर खाली पड़े पदों पर भी विचार-विमर्श किया.

स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि रिम्स में इमरजेंसी की क्षमता से बहुत ज्यादा मरीज का भार है. पर यह स्थिति तब सुधर जाएगी, जब एम्स के तर्ज पर बने 150 बेड का ट्रॉमा सेंटर अगले महीने से शुरू हो जाएगा.

रिम्स में रोगियों को मिलनेवाली व्यवस्था में कमी की दूसरी सबसे बड़ी वजह कर्मचारियों व नर्सों की कमी है. अस्पताल में नर्सो के 353 पद, तो चतुर्थ श्रेणी के 504 पद खाली हैं. गवर्निंग बॉडी से पारित होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अधीक्षक-उपाधीक्षक के साथ बैठक कर खाली पदों की पूरी जानकारी ली और कहा कि खाली पड़े पदों पर शीघ्र स्थायी नियुक्ति की जाएगी.

सरकार रिम्स को एक मॉडल सरकारी अस्पताल के रूप में विकसित करना चाहती है. पहली बार सरकार रिम्स के रोग का स्थायी इलाज करने की दिशा में बढ रही है. सरकार ने साफ कर दिया है कि आउटसोर्सिंग की जगह खाली पदों पर स्थायी नियुक्ति की जाएगी. और बेहतरीन डॉक्टरों को तैनात किया जाएगा.


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