अदाणी फाउंडेशन ने उठाया सुपर 100 छात्रों की पढ़ाई का जिम्मा
इस कड़ाके की ठंड में जब सुबह-सुबह लोगों को गर्म रजाई से बाहर निकलने में भी आलस होता है उसी वक्त चेहरे पर ताजगी का भाव लिए पूरे 100 छात्र निकल पढ़ते हैं अपना भविष्य गढ़ने। ये बच्चे सुपर 100 में चयनित बच्चे हैं जिनके लिए जिला प्रशासन और अदाणी फाउंडेशन की तरफ से रहने खाने और पढ़ाई का खास इंतजाम किया गया है। दरअसल ये बच्चे आगामी फरवरी माह में होने वाले बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। जिले के अलग-अलग स्कूलों से आए इन 100 छात्रों का चयन मेधा चयन प्रक्रिया के तहत किया गया है। इन सभी 100 बच्चों के लिए सिकटिया में नवनिर्मित जज आवास को फिलहाल इनके हॉस्टल में परिवर्तित कर दिया गया है जबकि सिकटिया स्थित महिला आईटीआई में इनके लिए क्लास का खास इंतजाम किया गया है। घर से दूर रह रहे 100 बच्चों के खान-पान से लेकर स्वास्थ्य की देखभाल तक की तमाम सुविधाएं अदाणी फाउंडेशन की तरफ से मुहैया कराई गई है। जिले के इन सुपर 100 बच्चों का पढ़ाई के प्रति समर्पण देखने लायक है। इनकी दिनचर्या सुबह 6 बजे से शुरू हो जाती है। हल्का-फुल्का व्यायाम करने के बाद नहा-धो कर तैयार ये सभी छात्र नास्ता करते हैं और नौ बजे कक्षा में मौजूद हो जाते हैं। जहां शाम 5 बजे तक पढ़ाई करते हैं। बीच में ब्रेक के दौरान इन्हें दोपहर का भोजन दिया जाता है। बच्चों के कोर्स का खास ध्यान रखते हुए जिले के बेहतरीन शिक्षकों का चयन किया गया है। अलग-अलग विषयों के शिक्षक भी सुबह से शाम तक इनके लिए कड़ी मेहतन कर रहे हैं। 10 वीं के छात्र अंकित बताते हैं कि सुपर 100 के तहत चयनित होना उनके लिए गौरव की बात है। अंकित के मुताबिक ये मौका उनकी आगामी बोर्ड की तैयारी के मद्देनजर जिस तरह उन्हें खास तौर पर तैयार किया जा रहा है वो इनके शानदार परिणाम की संभावना को पुख्ता करता है। एक और छात्र श्रीमंत बताते हैं कि उनके विद्यालय में कई विषयों के शिक्षक ही मौजूद नहीं थे जिसकी वजह से उनका कोर्स पूरा ही नहीं हो पाया था, लेकिन अब जबकि उन्हें यहां हरेक विषय के बेहतरीन शिक्षक मुहैया कराए गए हैं तो वो अब अपनी तैयारी को लेकर बेहद संतुष्ट नजर आए। सुपर 100 छात्रों को गणित पढ़ा रहे शिक्षक चन्दन रामदास कहते हैं- चूंकी ये बच्चे जिले के बेहतरीन छात्र हैं और लगभग सभी बच्चे समान मेधा के हैं इसलिए इन्हें पढ़ाने में बहुत आनंद आ रहा है. चन्दन कहते हैं पहली बार उन्हें लग रहा है कि शिक्षक बन कर समाज के लिए जो मिसाल कायम करने का उनका सपना था वो इस बार शायद पूरा होकर रहेगा। केन्द्र संचालक आलोक कुमार चौधरी मानते हैं कि इस सभी सुपर 100 छात्रों को एक छत के नीचे खास व्यवस्था के तरह पढ़ाया जाना अपने आप में एक बेहतरीन अनुभव है। छात्रों के लगन और शिक्षकों की छमता को देखते हुए वो इन बच्चों के स्वर्णिक भविष्य को लेकर बेहद आशान्वित हैं। बहरहाल अभी ये तो कहना बहुत जल्दबाजी है कि इन बच्चों का रिजल्ट क्या होने वाला है लेकिन इनकी हौसले और जज्बे को देखकर ये अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल नहीं है कि इन नौनिहालों ने अपना भविष्य तय कर लिया है और अब ये किसी भी सूरत में पीछे मुड कर देखने वालों में नहीं हैं।



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