झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामेदार रहेगा. इसके लक्षण पहले दिन ही दिख गये. सोमवार को विपक्ष ने पारा शिक्षकों के मुद्दे को लेकर सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और सदन के बाहर प्रदर्शन किया.

विपक्ष के कड़े तेवर के बीच पहले दिन कुछ विधाई कार्य हुए. 1117 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया गया. बैठक के दौरान सदन में विपक्ष की ओर से पारा शिक्षकों का मामला उठाया गया. सदन के बाहर विपक्ष की ओर से प्रदर्शन भी किया गया. सत्र के छोटा होने की भी आलोचना विपक्ष
कर रहा है. सीएम रघुवर दास ने कहा कि सत्र छोटा हो या बड़ा, इसका उपयोग होना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है.

सत्र के पहले दिन सदन में कुछ विधेयकों की स्वीकृति की सूचना दी गई. इसके अलावा अध्यादेश की प्रति भी सदन में रखी गई. पारा शिक्षकों की हड़ताल से हो रही परेशानी पर विपक्ष सरकार को घेरने के मूड में है. हड़ताल के दौरान शिक्षकों की मौत पर मुआवजा देने की भी बात उठी. बीजेपी विधायक भी इस पर कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं.

बहरहाल, जो आसार लग रहे हैं, उससे यह लगता है कि पारा शिक्षकों का मामला सदन के लिए महत्वपूर्ण हो गया है. विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को पूरी तरह घेरने के मूड में है. विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 26 दिसंबर को एक घंटा विशेष चर्चा होगी.
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