रांची के निवर्तमान सांसद रामटहल चौधरी ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है. उन्होंने साफ कर दिया कि वे हर हाल में रांची से चुनाव लड़ेंगे. पार्टी से टिकट मिलता है तो ठीक, नहीं तो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. रामटहल के मुताबिक रांची सीट पर उनकी जाति के करीब 5 लाख वोटर हैं. लोगों के बीच उनकी अपनी पहचना है. ऐसा में जनता का उनपर पूरा भरोसा है.

रामटहल की माने तो वे कभी विवादित नहीं रहे हैं और बैनर से जीत-हार तय नहीं होती है. अगर ऐसा होता तो सिल्ली विधानसभा चुनाव में आदित्य साहू की जमानत जब्त नहीं होती. बतौर रामटहल वे हारे या जीतें, लेकिन आदित्य साहू की जीत नहीं होगी, ये तय है.

बता दें कि रांची समेत तीन सीटों के लिए बीजेपी ने उम्मीदवार तय नहीं किये हैं. रांची के लिए आदित्य साहू का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. हालांकि संजय सेठ, अमर चौधरी, अमिताभ चौधरी और नवीन जयसवाल के नामों पर भी विमर्श चल रहा है. रांची से रामटहल चौधरी का टिकट 75 पार होने के कारण काट दिया गया है. रामटहल यहां से पांच बार सांसद रहे हैं. कांके विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक भी रह चुके हैं.


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