आखिरकार जेएमएम का अभेद किला भी ध्वस्त हो गया. दुमका सीट पर बीजेपी ने अपना कमल खिला दिया. पूर्व सीएम व जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन यहां से चुनाव हार गये हैं. बीजेपी के सुनील सोरेन ने उन्हें 40 हजार मतों से परास्त किया है. सुनील सोरेन को 484923 और शिबू सोरेन को 437333 वोट मिले. 2014 के चुनाव में सुनील सोरेन यहां पर शिबू सोरेन से हार गये थे. शिबू 8 बार दुमका से सांसद रहे. दुमका में आखिरी चरण में 19 मई को वोट डाले गए थे और 73.16 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी. यहां पर कुल 15 प्रत्याशी मैदान में थे.
दुमका लोकसभा सीट पर जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन 8 बार चुनाव जीते. झारखंड की राजनीति में सबसे बड़ा आदिवासी चेहरा शिबू सोरेन को दुमका में 1980 और 2014 के बीच सिर्फ दो बार हार हाथ लगी. 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस के पक्ष में उपजी सहानुभूति की लहर के दाैरान और 1998 में बीजेपी लहर के दाैरान बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में 1998 के लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन को दुमका में हराया था, जबकि 2019 की लड़ाई में वह शिबू सोरेन के साथ खड़े थे.
शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. पहली बार वो 2005 में 10 दिन (2 मार्च से 12 मार्च) के लिए, फिर दूसरी बार 2008 से 2009 तक और तीसरी बार 2009 से 2010 तक के लिए सीएम के पद पर रहे. वह यूपीए सरकार में केंद्रीय कोयला मंत्री भी रह चुके हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से शिबू सोरेन ने बीजेपी के सुनील सोरेन को हराया था. शिबू सोरेन को करीब 3.35 लाख और सुनील सोरेन को 2.96 लाख वोट मिले थे.
वहीं, बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोरेन दुमका में तीसरी बार ‘गुरुजी’ को टक्कर दिए. इससे पहले वह दुमका में शिबू के सामने 2009 और 2014 के चुनाव में मुकाबले में रहे. हालांकि थोड़े मतों के अंतर से हारते रहे. बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में 1998 में शिबू सोरेन को दुमका में हराया था.



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