राजमहल लोकसभा सीट साहिबगंज और पाकुड़ जिले में फैली हुई है. यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. यह क्षेत्र राजमहल की पहाड़ियों और गंगा नदी से घिरा हुआ है. मध्य काल में इस क्षेत्र को उगमहल के नाम से जाना जाता था. क्षेत्र में अकबर मस्जिद और बंगाल के नवाब मीर क़ासिम का महल है. यहां बांग्लादेशी घुसपैठ सबसे अहम मुद्दा है.
कौन हैं प्रत्याशी
राजमहल सीट के लिए 14 प्रत्याशी इस बार चुनाव मैदान में हैं. राजमहल लोकसभा सीट से वर्तमान में झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय हांसदा सांसद हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के तहत सीट बंटवारे में राजमहल सीट झामुमो के हिस्से में है. पार्टी ने विजय हांसदा को टिकट दिया है. एनडीए की ओर से भाजपा नेता हेमलाल मुर्मू को टिकट दिया गया है.
इस क्षेत्र में अल्पसंख्यक वर्ग और ईसाई मिशनरी का प्रभाव है. माना जा रहा है कि वे विजय हांसदा को समर्थन करनेंगे. विजय हांसदा के पिता थॉमस हांसदा भी राजनीति से जुड़े रहे हैं. थॉमस हांसदा कांग्रेस के सांसद थे.
हेमलाल मुर्मू की झारखंड के कद्दावर आदिवासी नेता के रूप में जाने जाते हैं. वह झामुमो के टिकट पर तीन बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं. हेमंत सोरेन से मतभेद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी. बीजेपी के टिकट पर पिछली बार खड़े हुए और दूसरे नंबर पर रहे.



Post A Comment:
0 comments so far,add yours