झारखंड की राजधानी रांची के प्रमुख अस्पताल रिम्स (राजेंद्र इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में डॉक्टरों की मनमानी का मामला सामने आया है. यहां पर चतरा से आए एक मरीज को डॉक्टरों ने मुफ्त में इलाज करने से मना कर दिया और कहा कि पहले राशन कार्ड लेकर आओ तब फ्री में इलाज होगा. डॉक्टरों की बात मानकर मरीज की पत्नी राशन कार्ड लेने वापस चतरा चली गई. इधर, उनके पति की मौत हो गई.

मरीज का नाम बलदेव बताया जा रहा है. वह चतरा के रहने वाले थे. बलदेव की मौत के समय उनका दस साल का बेटा साथ में था. बेटे ने बताया कि पिता टीबी के मरीज थे. दो दिन पहले ही रिम्स में भर्ती किया गया था. उसे रिम्स में उपलब्ध दवाएं दी जा रहीं थीं, लेकिन अन्य दवाओं और जांच के लिए राशन कार्ड जरूरी था. बलदेव अपने साथ राशन कार्ड लेकर नहीं आया था.

डॉक्टर ने कहा- राशन कार्ड के बगैर नहीं रुकता इलाज
रिम्स के एक डॉक्टर ने कहा कि किसी भी मरीज का इलाज राशन कार्ड के बगैर नहीं रुकता. चतरा से रांची आए बलदेव को भी दो दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था. वह काफी दिनों से टीबी जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित था. डॉक्टरों ने परिजनों को राशन कार्ड इसलिए लाने को कहा, ताकि राशन कार्ड के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वालों को सरकारी प्रावधान के तहत मिलने वाली सुविधाएं मिल सकें. लेकिन दुर्भाग्य ये रहा कि इसी दौरान मरीज की मौत हो गई.
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