अशोक कुमार शर्मा
देश में हाल के दिनों में लोक सभा चुनाव सम्पन्न हुआ है ।इसी वर्ष के अन्त तक कई अन्य राज्यों सहित झारखण्ड में भी विधान सभा चुनाव होना है ।चुनाव को लेकर राज्य में सभी राजनीतिक दलों द्वारा अपने अपने स्तर से चुनावी तैयारियां भी प्रारम्भ कर दी गयी है ।वहीं धीरे धीरे विधान सभा चुनावी सरगर्मी भी तुल पकडने लगा है ।इसी बीच चौक चौराहों पर भी भिन्न भिन्न राजनीतिक चर्चाऔं की ताप से चुनावी मैदान अभी से तपने लगा है ।किस राजनीतिक दल से कौन उम्मीदवार होगा इसे लेकर अभी से लोगों के बीच बहस छीड़ चुकी है ।इसी बीच राजनीतिक गलियारे से जो खबर छन कर बाहर आ रही है उसके मुताबिक महेशपुर विधान सभा क्षेत्र से भाजपा से टिकट हासिल करने वालों में देबीधन टुडू ,देबीधन बेसरा ,बाबुधन मुर्मू तो दावेदारी ठोकने वालों में मुख्य रुप से सामने हैं ही पर अलावे इनके अन्य दलों के कई नेता भी भाजपा से टिकट प्राप्त करने के जुगत में अंदर ही अंदर भीड़ चुके हैं ।देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा से टिकट की जुगाड़ बैठाने वाले अन्य दल के लोग इसमें कितना सफल हो पाते हैं ।खैर जो हो यह तो बाद की बात है ।भाजपा सूत्रों से जो बाते सामने आ रही है उससे यह साफ है कि भाजपा में टिकट की दावेदारी करने वालों की दौड़ में पाकुड़ जिला परिषद अध्यक्ष व भाजपा के वरीय नेता बाबुधन मुर्मू सबसे आगे चल रहें हैं । सूत्र तो इतना तक दावा करते है कि बाबुधन इस बार के विधान सभा चुनाव में महेशपुर विधान सभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रुप में चुनाव मैदान में होंगे ।सूत्रों का मानना है की पिछले दो विस चुनाव में पार्टी द्वारा देबीधन टुडू को भाजपा उम्मीदवार के रुप में चुनावी मैदान में उतारा गया परन्तु वे दोनों बार हार गये ,हो सकता है कि भाजपा इसबार उनका इसबार टिकट काट दे ।भाजपा से टिकट की दावेदारी करने वालों में देवीधन बेसरा भी सुमार हैं पर उनको लेकर जो बातें सामने आ रही है उससे ऐसा जान पड़ता है कि उनके कुछ क्रिया कलापों के कारण पार्टी में उनके लिए सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है ।पार्टी सूत्रों का मानना है कि श्री बेसरा वर्ष 2000में झामुमो छोड़ भाजपा में शामिल हुए और उन्हें उसी वर्ष हुए विस चुनाव में भाजपा ने टिकट देकर महेशपुर विस क्षेत्र से उम्मीदवार के रुप में मैदान में उतारा वे चुनाव जीते भी ।सरकार में मंत्री भी रहे ।दूसरी बार वे चुनाव हार गये फिर उन्हें 2009 के लोक सभा चुनाव में वतौर भाजपा प्रत्याशी के रुप में राजमहल से चुनाव मैदान में उतारा गया और वे जीते भी पर वे 2014 के लोक सभा तथा विस चुनाव के दौरान पार्टी लिक से अलग हट कर काम करने के कारण पार्टी की नजरों में किरकिरी बन गये ।राज्य में मुख्य मंत्री रघुबर दास के नेर्तत्व में चलने वाली भाजपा सरकार राज्य के 60विस क्षेत्र पर कब्जा जमाने के लिए प्रयासरत है और वे इसी मुड में है भी ।इस लिए भाजपा के साथ मुख्य मंत्री रघुबर दास भी चाहेगें की भाजपा का हर एक प्रत्याशी ऐसा हो जो आम जनों के बीच लोकप्रिय होने के साथ साथ कर्मठ ,मेहनती तथा ईमानदार होने के साथ क्षेत्र के हर समुदाय के लोगो के सुख दुख का भागीदार बनने के साथ उनके साथ खड़ा रहे ।ऐसे में बाबुधन इसमें फीट बैठते दिख रहे हैं ।



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