कोलकाता : लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी पश्चिम बंगाल में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच तकरार लगातार बढ़ती ही जा रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि  बीजेपी बार-बार 'जय श्री राम' का इस्तेमाल कर धर्म को राजनीति में मिला रही है। अब बीजेपी के पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में हमारे नारे 'जय श्री राम' और 'जय महाकाली' होंगे। इससे साफ पता चलता है दोनों पार्टियों के बीच सियासी लड़ाई अभी थमने वाली नहीं है।
पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में बीजेपी शानदार जीत के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को यहां पहुंचे और मीडिया से बात करते हुए कहा, बंगाल में हमारे नारे 'जय श्री राम' और 'जय महाकाली' होंगे। बंगाल महाकाली की धरती है। हमें मां काली का आशीर्वाद चाहिए। उन्होंने कहा बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नारे 'जय श्री राम' और 'जय महा काली' होंगे और पार्टी तब तक राज्य में प्रचार करेगी जब तक टीएमसी सरकार को सत्ता से बाहर नहीं कर देती।
गौर है कि हाल ही में  24 परगना जिले में ममता बनर्जी के काफिले के सामने कुछ युवाओं ने जय श्री राम के नारे लगाए थे जिसके बाद ममता बनर्जी गुस्से में आ गई थी। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। इसके बाद मेघालय के गवर्नर तथागत रॉय ने ट्वीट किया था, 'ऐसा संभव है कि जिन लोगों ने बंगाल में जय श्री राम के नारे लगाए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 307, हत्या के प्रयास के आरोप के तहत मामला दर्ज किया जाए।'
उसके बाद ममता ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, जय सिया राम, जय रामजी की, राम नाम सत्य है आदि के धार्मिक और सामाजिक निहितार्थ हैं। लेकिन बीजेपी धार्मिक नारे जय श्री राम को अपनी पार्टी के नारे के तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल कर धर्म को राजनीति से मिला रही है।' उन्होंने लिखा था कि उन्हें किसी खास नारे के किसी रैली या पार्टी के कार्यक्रम में इस्तेमाल किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। 
ममता ने कहा था, ‘मुझे किसी राजनीतिक दलों की रैलियों और उनके पार्टी के उद्देश्य में कोई खास नारे से कोई दिक्कत नहीं है। हर राजनीतिक दल का अपना नारा है। मेरी पार्टी का ‘जय हिंद, वंदे मातरम’ नारा है। लेफ्ट का ‘इंकलाब जिंदाबाद’ नारा है। अन्यों के भी अलग-अलग नारे हैं। हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं’ बनर्जी ने कहा, 'हम दूसरों पर, इस धार्मिक नारे के जबरन प्रवर्तन का सम्मान नहीं करते।'
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours