मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रखंड और अंचल स्तर के अधिकारियों के साथ कार्यशाला में ग्रामीण विकास, जमीन एवं अन्य योजनाओं पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया. जल संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया. सात जुलाई को जल संचयन के लिए एक विशेष कार्यक्रम होगा, जिसमें सीएम से लेकर कनीय कर्मचारी इसके लिए प्रयास करेंगे. इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा. कार्यशाला में अधिकारियों को फिल्ड में जाने को कहा गया.

अधिकारियों को तीन माह का टास्क 
कार्यशाला में ग्रामीण विकास विभाग के अधीन चलने वाली योजनाएं मसलन मनरेगा, पीएम आवास योजना, जलापूर्ति योजना पर चर्चा हुई. सीएम ने अगले तीन माह का टास्क अधिकारियों को दिया. सीएम ने निर्देश दिया कि आदिवासियों का एक ही बार जाति प्रमाण पत्र बनेगा, जो हमेशा के लिए मान्य होगा. किसानों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा. साथ ही जल संचयन के लिए विभिन्न स्तर पर प्रयास करने का निर्देश दिया.

प्रखंड व अंचल के अधिकारी हुए शामिल 


कार्यशाला में सीएम के अलावा ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री अमर बाउरी भी शामिल हुए. ग्रामीण विकास, राजस्व एवं
भूमि सुधार विभाग के सचिव भी शरीक हुए. इसमें प्रखंड व अंचल स्तरीय अधिकारियों को भाग लेने के लिए बुलाया गया था. पूरे प्रदेश से अधिकारी इस कार्यशाला में आए.

किसानों के मामलों पर दिखाएं संवेदनशीलता



अधिकारियों को एक सप्ताह में मानकी मुंडा और ग्राम प्रधानों की प्रोत्साहन राशि के भुगतान का निर्देश दिया गया. किसानों के आवेदन को तत्परता से निष्पादित करने का भी निर्देश दिया गया. पहली किस्त जुलाई में दी जाएगी. उसके बाद दूसरी किस्त दूर्गा पूजा में दी जाएगी. इस काम में संवेदनशीलता दिखाने को कहा गया. पीएम आवास योजना के लिए लाभुकों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की सलाह दी गई.
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