रांची में आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलेगी. रथ पर सवार होकर प्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने मंदिर से मौसीबाड़ी पहुंचेंगे. शाम 4.30 बजे रथ खींचना आरंभ होगा. 6 बजे रथ मौसीबाड़ी पहुंचेगा. 7 बजे तक भक्त रथ पर भगवान का दर्शन कर पाएंगे. 8 बजे मंगल आरती के बाद आमलोगों के लिए दर्शन बंद हो जाएगा. गुरुवार सुबह से ही मुख्य मंदिर में भगवान जगन्नाथ का दर्शन जारी है. दोपहर दो बजे के बाद दर्शन बंद हो जाएगा. शाम चार बजे प्रभु रथ पर विराजेंगे. इसके बाद रथयात्रा आरंभ होगी.

15 दिनों के एकांतवास के बाद दर्शन 

इससे पहले बुधवार को 15 दिनों के एकांतवास के बाद भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र ने भक्तों को दर्शन दिये. गर्भगृह से बाहर आने के बाद प्रभु का नेत्रदान हुआ. फिर भगवान श्रृंगार कक्ष से बाहर दर्शन मंडप में विराजे. शाम में पट खुला और प्रभु भक्तों के लिए सर्वसुलभ हो गये. रात में आरती के बाद भोग लगाया गया. इसके बाद प्रभु शयन को चले गये.

इस रथ पर प्रभु की आखिरी सवारी 



मुख्य मंदिर के पुजारी ब्रजभूषण नाथ ने बताया कि प्रभु जगन्नाथ की इस रथ पर यह आखिरी सवारी होगी. अगले वर्ष प्रभु के लिए नया रथ तैयार होगा. इस रथ को 2007 में बनाया गया था. न्याय समिति ने अब नया रथ बनाने का फैसला लिया है. 12 जुलाई को भगवान मौसीबाड़ी से मुख्य मंदिर लौटेंगे.

रथयात्रा को लेकर सुरक्षा सख्त 

रथयात्रा में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने वाली है. मुख्यमंत्री रघुवर दास भी इसमें हिस्सा लेंगे. इसको देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं. 700 जवानों को तैनात किया गया है. 48 सीसीटीवी और ड्रोन से मेला क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी.
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